July 24, 2024 : 5:39 PM
Breaking News
MP UP ,CG

भोपाल में अब कोरोना के इलाज के लिए 5 से 17 हजार रुपये रोज से अधिक नहीं वसूल पाएंगे निजी अस्पताल

कोरोना वायरस
मध्यप्रदेश
छत्तीसगढ़
देश
विदेश
खेल
मनोरंजन
बिज़नेस
टेक्नोलॉजी
धर्म
राशिफल
विचार
शिक्षा
नईदुनिया विशेष
होम ⁄ मध्य प्रदेश ⁄ भोपाल
भोपाल में अब कोरोना के इलाज के लिए 5 से 17 हजार रुपये रोज से अधिक नहीं वसूल पाएंगे निजी अस्पताल
Updated: | Sat, 08 Jan 2022 03:21 PM (IST)

Subscribe to Latest News

यह भी पढ़ेंnextStory
स्‍कूटर पर बैठ खुद पर पेट्रोल उड़ेलकर युवक ने लगा ली थी आग, मौत
भोपाल, नवदुनिया प्रतिनिधि। राजधानी में कोराना संक्रमित मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही हैं। इसके चलते निजी और सरकारी अस्पतालों में व्यवस्थाएं की जा रही हैं। सभी अस्पताल संचालकों को अपने यहां उपलब्ध व्यवस्थाओं की जानकारी सार्थक पोर्टल पर उपलब्ध कराने के आदेश दिए गए हैं। इधर, कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के दौरान कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए मनमाना बिल वसूलने की लागातर आ रही शिकायतों और कार्रवाई के बाद तीसरी लहर की संभावना को देखते हुए कलेक्टर अविनाश लवानिया ने कोरोना अस्पताल में कोविड मरीजों को दिए जाने वाले इलाज की दरें तय कर दी है। इसके अनुसार अब निजी अस्पताल संचालक पांच हजार से 17 हजार रुपये प्रतिदिन से ज्यादा राशि इलाज के नाम पर नहीं वसूल सकेंगे। इस पैकेज में बिस्तर शुल्क, नर्सिंग शुल्क, इन हाउस कंसल्टेशन या ड्यूटी डाक्टर की फीस, मरीज की डाइट, राइल्स ट्यूब, यूरिनल कैथेटिराइजेशन, पीपीईकिट, आक्सीजन नेबुलाइजेशन और फिजियोथैरेपी सम्मिलित हैं। निर्धारित दरों से ज्यादा शुल्क वसूलने पर अस्पतालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।कलेक्टर ने पांच निजी अस्पतालों को कोरोना के इलाज के लिए अधिकृत किया है। इसमें शासन द्वारा तय सभी मापदंड की पूर्ति करने के चलते इन्हें अधिकृत किया गया है। इसमें सिटी मल्टी स्पेशलिटी हास्पिटल, सिटी हास्पिटल, रूद्राक्ष मल्टी स्पेशलिटी हास्पिटल एवं ग्रीन सिटी हास्पिटल का नाम शामिल है।

प्रतिदिन सार्थक पोर्टल पर अपेडट करनी होगा मरीजों की जानकारी

जो भी निजी अस्पताल मरीजों का उपचार करेंगे या करने वाले है, उन्हें सार्थक पोर्टल एप के जरिए रजिस्ट्रेशन करना अनिवार्य किया गया है। यह एक नेशनल पोर्टल है जिसके माध्यम से अस्पताल में उपलब्ध बिस्तरों, भर्ती मरीजों सहित अन्य संसाधनों का स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा निरीक्षण किया जाता है। सभी सुविधाओं, संसाधनों एवं मेडीकल टीम एवं पैरामेडीकल टीम की जानकारी सार्थक पोर्टल पर अपडेट करना जरुरी है। सभी निजी अस्पताल को शासन द्वारा तय शुल्क या फीस में ही उपचार करना होता है। साथ ही कोविड मरीज की जानकारी प्रतिदिन सार्थक पोर्टल पर अपडेट करना अनिवार्य किया गया है।

आयुष्मान योजना के तहत सूचीबद्ध अस्पतालों में निश्‍शुल्क होगा इलाज.

कलेक्ट अविनाश लवानिया ने बताया कि ऐसे सभी निजी अस्पताल जो आयुष्मान भारत निरामयम के तहत सूचीबद्ध हैं उन्हें आयुष्मान कार्डधारी सभी हितग्राहियों को निशुल्क इलाज करना होगा। ऐसे सभी लोग जो कि आयुष्मान भारत योजना, कार्पोरेट कंपनी द्वारा उनके कर्मचारियों के लिए प्रदाय स्वास्थ्य पैकेज या किसी हेल्थ इंश्योरेंस के अंतर्गत सम्मिलित नहीं है वे सभी अधिकृत निजी अस्पतालों के माध्यम से निर्धारित शुल्क में कोरोना का इलाज ले सकते हैं।

3000 बिस्तरों का बनेगा क्वारंटाइन सेंटर

शहर में कोरोना संक्रमित ऐसे मरीज जो गंभीर नहीं है और उनका आक्सीजन लेवल निर्धारित मापदंड के अनुसार है उन्हें क्वारंटाइन सेंटर में भर्ती करवाया जाएगा। इस बार होम आइसोलेशन में मरीज को नहीं रहने दिया जाएगा। इसके चलते शहर में फिलहाल 3000 बिस्तरों का क्वारंटाइन सेंटर तैयार किया जा रहा है। इसमें आरजीपीवी, मैनिट और आइसर में क्वारंटाइन सेंटर बनाया जा रहा है।

शहर में यह होगी व्यवस्था

क्वारंटाइन सेंटर –3000 बिस्तर

आक्सीजन युक्त बिस्तर–8500

निजी और सरकारी अस्पताल में बिस्तर–6000

इनका लगेगा इतना शुल्क

आइसोलेशन वाला जनरल वार्ड–5000

एचडीयू वार्ड–7500

बिना वेंटीलेटर वाला आइसीयू वार्ड–10000

वेंटीलेटर सहित आइसीयू वार्ड–17000

Related posts

22 भैंस व भैंसा को लेकर कानपुर जा रहे ट्रक को पकड़ा, आरोपी गिरफ्तार

News Blast

अज्ञात रेत पर प्रशासन की कार्रवाई: चंबल पुल से भिंड तक दो दर्जन स्थानों पर माफियाओं ने लगाए रेत के ढेर, अफसरों ने नष्ट कराकर मिट्‌टी में मिलवाए

Admin

भोपाल में 7 पुलिसकर्मी सस्पेंड:ऐशबाग थाने के ASI, सिपाही और हवलदार तक ने सटोरियों से रुपए लिए थे; सबके रेट तय थे, SI जांच के दायरे में

News Blast

टिप्पणी दें