May 31, 2024 : 4:47 AM
Breaking News
MP UP ,CG अन्तर्राष्ट्रीय खबरें टेक एंड ऑटो

मानवता पर हावी युद्ध की सनक, दुनिया भर के देश बढ़ा रहे अपना सैन्य खर्च, डालें एक नजर

रूस और यूक्रेन के बीच लंबे समय से जारी संघर्ष अभी खत्म भी नहीं हुआ था कि इस्राइल और हमास की लड़ाई शुरू हो गई। वैश्विक तनाव चरम पर है। विकासशील देशों की अर्थव्यस्थाएं दुनिया में जारी युद्धों की आग में जलने को मजबूर हैं पर फिर भी दुनिया के हर हिस्से में लोग मरने-मारने को उतारू हैं। बीते एक दशकों की बात करें तो लगभग पूरी दुनिया का सैन्य खर्च लगातार बढ़ा है। आइए नजर डालते हैं दुनिया के प्रमुख हिस्सों में बीते एक दशक के दौरान सैन्य खर्च में हुई वृद्धि पर।

स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट के आंकड़ों के अनुसार 2022 में दुनिया के सैन्य खर्च में लगातार आठवें वर्ष वृद्धि हुई और यह 3.7 प्रतिशत बढ़कर 2240 बिलियन डॉलर के सर्वकालिक उच्चतम स्तर पर पहुंच गया।2022 में विश्व सैन्य खर्च में वृद्धि काफी हद तक तीन कारकों के कारण थी: यूक्रेन पर रूस का आक्रमण; आक्रमण और व्यय की प्रतिक्रिया के रूप में मध्य और पश्चिमी यूरोप के देशों द्वारा सैन्य खर्च में वृद्धि और एशिया की प्रमुख शक्तियों, अर्थात चीन, भारत और जापान में सैन्य खर्च में वृद्धि। सैन्य खर्च में सबसे तीव्र वृद्धि रूस और यूक्रेन के करीब भौगोलिक निकटता वाले देशों में हुई।

2022 में यूक्रेन को मिली दुनिया में सबसे ज्यादा सैन्य सहायता

यूक्रेन को भेजी गई सैन्य सहायता के तत्काल और रिकॉर्ड स्तर थे। सबसे बड़े दाताओं और अन्य सहायता निधियों के आधिकारिक आंकड़ों के आधार पर, 2022 में यूक्रेन को कम से कम 30 बिलियन की सैन्य सहायता दी गई थी, जिसमें अमेरिका सबसे बड़ा प्रदाता था, जो सभी सैन्य सहायता का लगभग दो-तिहाई हिस्सा था। विश्व सैन्य खर्च में वृद्धि के बावजूद, वैश्विक सैन्य बोझ -विश्व जीडीपी के हिस्से के रूप में विश्व सैन्य व्यय- 2.2 प्रतिशत पर बना रहा क्योंकि दुनिया की भी जीडीपी सैन्य खर्च के साथ बढ़ती गई। असल में, 2.2 प्रतिशत पर कुल सैन्य खर्च का बोझ शीत युद्ध की समाप्ति के बाद से सबसे कम .

अमेरिकी उपमहाद्वीप के देशों का खर्चा सबसे अधिक बढ़ा

1988 और 2022 के बीच विश्व सैन्य खर्च को पांच भौगोलिक क्षेत्रों में विभाजित करने से पता चलता है कि 2022 में कुल विश्व सैन्य खर्च में अमेरिका के देशों का हिस्सा सबसे बड़ा लगभग 42 प्रतिशत था। एशिया और ओशिनिया के देशों ने दुनिया के कुल सैन्य खर्च का 26 प्रतिशत किया। इसके बाद यूरोप ने 22 प्रतिशत खर्च किया। मध्य पूर्व की सैन्य खर्च के मामले में 8.3 प्रतिशत की हिस्सेदारी रही। अफ्रीका ने दुनिया के कुल सैन्य खर्च का 1.8 प्रतिशत यानी बहुत कम खर्च किया।

सैन्य खर्च के मामले में तीन बड़े देश अमेरिका, चीन और रूस

दुनिया के शीर्ष तीन व्ययकर्ताओं, अमेरिका, चीन और रूस का दुनिया के कुल खर्च में 56 प्रतिशत हिस्सा है। दुनिया के शीर्ष 15 व्ययकर्ता 1842 बिलियन डॉलर के साथ दुनिया के कुल सैन्य खर्च में 82 प्रतिशत हिस्सेदारी रखते हैं।

अमेरिका

2022 में अमेरिका का कुछ सैन्य खर्च 877 अरब डॉलर रहा। इसमें 8.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। अमेरिका दुनिया में अब तक का सबसे बड़ा सैन्य खर्चकर्ता देश है, जिसकी विश्व सैन्य खर्च में 39 प्रतिशत हिस्सेदारी है और दूसरे सबसे बड़े सैन्य व्ययकर्ता चीन की तुलना में वह इस मद में तीन गुना अधिक आवंटित करता है। 2022 में अमेरिका ने यूक्रेन को मदद के तौर पर कुल 19.9 बिलियन डॉलर दिए उसके कुल सैन्य खर्च का 2.3 प्रतिशत है यह शीत युद्ध की समाप्ति के बाद से किसी भी वर्ष में किसी एक लाभार्थी को किसी भी देश द्वारा सैन्य सहायता के रूप में दिया गया सबसे बड़ा दान है।

चीन 

चीन का नंबर सैन्य खर्च करने के मामले में दूसरे नंबर है। 2022 में चीन का कुल सैन्य खर्च बजट 292 अरब था। 2013 की तुलना में इसमें 63 प्रतिशत की वृद्धि आई है। पिछले 28 वर्षों में चीन ने लगातार अपने सैन्य खर्च में बढ़ोतरी की है। एसआईपीआरआई मिलिट्री एक्सपेंडिचर डेटाबेस के अनुसार यह किसी भी देश की ओर से की गई सबसे लंबी वृद्धि है। हालांकि 2022 में चीन का सैन्य खर्च 1995 की तुलना में सबसे कम बढ़ा। वर्ष 2021 की तुलना में 2022 में इसमें महज 2.6% की वृद्धि दर्ज की गई। इसके पीछे का सबसे बड़ा कारण कोविड संक्रमण का चीन की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ना रहा। 2022 में चीन के सैन्य खर्च का भारत जीडीपी का 1.6 प्रतिशत रहा। यह खर्च पिछले एक दशक में जीडीपी के 1.6% से 1.8% के बीच स्थिर रहा है।

Related posts

US को धमकी: किम जोंग उन बोले- अमेरिका मेरा सबसे बड़ा दुश्मन, वहां राष्ट्रपति बदलने से नीतियां नहीं बदलतीं

Admin

नई नियुक्ति तक डॉ. जैन ही बनी रहेंगी कुलपति, राजभवन जल्द शुरू करेगा नियुक्ति प्रक्रिया

News Blast

ट्रक ने कार को मारी टक्कर बाल-बाल बचीं सब इंस्पेक्टर

News Blast

टिप्पणी दें