June 30, 2022 : 12:56 AM
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काशी और मथुरा के सत्य के सामने समर्पण कर मुस्लिम समाज भविष्य के लिये सदभाव की नींव रखे

ज्ञानवापी मुद्दे पर बजरंग दल के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जयभान सिंह पवैया का सोमवार को एक टि्वट सामने आया है। पवैया ने चेतावनी भरे शब्दों में मुस्लिम समाज से अनुरोध करते हुये कहा कि काशी और मथुरा के सत्य के सामने समर्पण कर भविष्य के लिये सदभाव की नीव रखने का मौका मिला है। अन्यथा तीन नहीं तो तीस हजार लेंगें। जयभान सिंह पवैया हिंदुत्व के मुद्दे पर प्रखर और आक्रमक रहते हैं। टि्वटर पर काशी और ज्ञानवापी का फोटो भी पवैया ने ट्वीट किया है।

@PawaiyaJai
ज्ञानवापी एक अवसर है । काशी और मथुरा पर सत्य के सामने समर्पण करने से मुस्लिम समाज भविष्य के लिए सद्भाव की नींव रख सकता है ।अन्यथा तीन नहीं तो तीस हजार —-! ध्यान रखें पांडवों ने पांच गांव ही मांगे थे , मगर दुर्योधन की जिद का नतीजा क्या हुआ ?@BJP4India @VHPDigital

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ज्ञानवापी एक अवसर है। काशी और मथुरा पर सत्य के सामने समर्पण करने से मुस्लिम समाज भविष्य के लिये सदभाव का नींव रखता है। अन्यथा तीन नहीं तो तीस हजार… उन्होंने अपने ट्वीट में महाभारत का उदाहरण देते हुये लिखा है कि ध्यान रखें पांडवों ने पांच ही मांगे थे। मगर दुर्योधन की जिद का नतीजा क्या हुआ?

पवैया राममंदिर आंदोलन से भी जुड़े हुये हैं-

पूर्व मंत्री जयभान सिंह पवैया राममंदिर आंदोलन से जुड़े रहे हैं। बाबरी मस्जिद गिराने के मामले में भी उन्हें नामजद किया गया था। वर्तमान महाराष्ट्र के सह प्रभारी का दायित्व भी उनके पास है। हिंदुत्व के मुद्दे पर पवैया सदैव मुखर रहते हैं। ज्ञानवापी के मुद्दे पर ट्वीट से जयभान सिंह पवैया सुर्खियों में आ गए हैं। नगरीय निकाय व पंचायत चुनाव से पहले पवैया के इस ट्वीट से भाजपा में हलचल है। हालांकि पवैया के ट्वीट के बाद किसी भी भाजपा नेता का बयान नहीं आया है। सभी ने इस मुद्दे पर चुप्पी साध रखी है। पवैया को भाजपा के मुखर वक्ताओं के रूप में जाना जाता है। ऐसे में उनके ट्वीट के कई मायने निकाले जा रहे हैं।

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