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टेक्निकल पहलू हैं पसंद तो चुने आर्किटेक्चर इमोशन से जुड़ा है इंटीरियर डिजाइनिंग

दैनिक भास्कर

Apr 15, 2020, 11:45 AM IST

देश भर के विभिन्न आर्किटेक्चर कॉलेजों में एडमिशन के लिए 19 अप्रैल को होने वाली नेशनल एप्टीट्यूड टेस्ट इन आर्किटेक्चर (नाटा) परीक्षा को लॉकडाउन के चलते स्थगित कर दिया गया है। वहीं नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन द्वारा कराए जाने वाले एंट्रेंस एग्जाम को भी स्थगित कर दिया गया है। यह एग्जाम पहले 16 मार्च को होना था। ऐसे में परीक्षा के स्थगित होने से स्टूडेंट्स का निराश होना लाजमी है। हालांकि इससे जो अतिरिक्त समय मिला है, उसका फायदा भी स्टूडेंट्स ले सकते हैं। 

दरअसल अलग-अलग ऑब्जेक्ट्स के स्ट्रक्चर, डिजाइन या इंटीरियर डेकोरेशन से आकर्षित होने वाले स्टूडेंट्स आर्किटेक्चर या डिजाइनिंग में ही अपना कॅरिअर बनाना चाहते हैं, लेकिन आर्किटेक्चर एक ऐसी फील्ड है, जिसे लेकर स्टूडेंट्स के बीच कई तरह की भ्रांतियां होती हैं। खासकर आर्किटेक्चर और डिजाइनिंग के बीच के अंतर को लेकर। कई बार जानकारी के अभाव में वे गलत फील्ड का चुनाव कर लेते हैं, जिसका खामियाजा उन्हें आगे भुगतना पड़ता है। ऐसे में आर्किटेक्चर और डिजाइनिंग के बीच के अंतर को स्पष्ट रूप से समझ लेना फायदेमंद होगा।

आर्किटेक्चर में बाहरी और इंटीरियर डिजाइनिंग में अंदरूनी हिस्से की होती है डिजाइनिंग

आर्किटेक्चर में बिल्डिंग या किसी भी अन्य ऑब्जेक्ट के बाहरी हिस्से को डिजाइन किया जाता है। वहीं इंटीरियर डिजाइनिंग में इंटीरियर को डिजाइन किया जाता है, जिसमें फर्नीचर के साथ कई तरह की एसेसरीज शामिल होती हैं। इंटीरियर डिजाइनिंग का मकसद ऑफिस या घर को एक बेहतर लुक देना होता है । आर्किटेक्चर में मटीरियल, क्लाइमेट, लाइटिंग, वेन्टिलेशन, फ्लोरिंग जैसे टेक्निकल पहलुओं पर फोकस किया जाता है। वहीं इंटीरियर डिजाइनिंग में ह्यूमन साइकोलॉजी और इमोशंस जैसे पहुलओं का विशेष ध्यान रखा जाता है।

  • प्लानिंग और रिव्यू करते हैं आर्किटेक्ट्स : बिल्डिंग के बाहरी हिस्से के कंस्ट्रक्शन की प्लानिंग,डिजाइनिंग और रिव्यू करना आर्किटेक्चर का मुख्य काम होता है। इसके साथ ही किचन, डाइनिंग रूम, गार्डन, रूम का बेसिक स्ट्रक्चर तैयार करने और उनके लिए स्पेस निर्धारित करने का काम भी आर्किटेक्चर का ही होता है।
  • आर्किटेक्ट का काम खत्म होने के बाद शुरू होता है इंटीरियर डिजाइनर का काम : इंटीरियर डिजाइनर्स का मुख्य काम आर्किटेक्ट का काम खत्म होने के बाद शुरू होता है। घर या ऑफिस के अंदर के खाली स्पेस को बेहतर तरीके से भरने की प्लानिंग करना और उसे अच्छा लुक देना इंटीरियर डिजाइनर्स का काम है। पुराने घर या ऑफिस के रिनोवेशन से जुड़े प्रोजेक्ट्स को भी इंटीरियर डिजाइनर्स पूरा करते हैं। खाली स्पेस का किस काम के लिए उपयोग किया जा रहा है, इसे देखते हुए ही इंटीरियर डिजाइनर्स उसे डिजाइन करते हैं।

नाटा और जेईई के जरिए पा सकते हैं आर्किटेक्चर कोर्स में प्रवेश

आर्किटेक्ट बनने के लिए 10+2 में मैथ्स और साइंस कम्पलसरी सब्जेक्ट होना जरूरी है। इसके बाद हर साल होने वाली नाटा परीक्षा के जरिए आप देश के टॉप आर्किटेक्ट इंस्टीट्यूट्स में एडमिशन ले सकते हैं। जेईई एडवांस के एएटी एग्जाम के जरिए भी आप आर्किटेक्ट से जुड़े कोर्सेज में एडमिशन पा सकते हैं। इन टेस्ट्स में आपकी ड्रॉइंग, ऑब्जर्वेशन, क्रिटिकल थिंकिंग जैसी स्किल्स को जांचा जाता है। टेस्ट क्लियर करने के बाद आप पांच साल के डिग्री कोर्स ( बैचलर ऑफ आर्किटेक्चर) में एडमिशन ले सकते हैं। अगर किसी फील्ड विशेष में स्पेशलाइजेशन करना चाहते हैं तो बी.आर्क के बाद एनवायरनमेंटल आर्किटेक्चर और डिजिटल आर्किटेक्चर जैसी स्पेशलाइजेशन्स से पीजी कर सकते हैं।

एनआईडी से कर सकते हैं इंटीरियर डिजाइनिंग का कोर्स

इंटीरियर डिजाइनर बनने के लिए भी 10+2 में साइंस और मैथ्स कम्पलसरी सब्जेक्ट्स होने जरूरी हैं। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन के एंट्रेंस एग्जाम के जरिए इंटीरियर डिजाइन के विभिन्न कोर्सेस में एडमिशन लिया जा सकता है। यहां स्पेशलाइजेशन के साथ, स्टूडेंट्स डिजाइनिंग के यूजी या पीजी कोर्सेस में एडमिशन ले सकते हैं। देश के चार नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन ( आंध्रप्रदेश, हरियाणा, मध्यप्रदेश, असम) में, डिजाइनिंग में ग्रेजुएट डिप्लोमा भी कराया जाता है। इसके अलावा कई प्राइवेट इंस्टीट्यूट्स अलग-अलग प्रवेश प्रक्रियाओं के माध्यम से एडमिशन देते हैं। इंस्टीट्यूट्स की एडमिशन प्रक्रिया के साथ ही कोर्स की अवधि में भी अंतर हो सकता है। चार या पांच साल के प्रोफेशनल बैचलर कोर्स के बाद आप इंटीरियर डिजाइनिंग में एमएससी भी कर सकते हैं। मास्टर्स के बाद डिजाइनिंग में पीएचडी भी की जा सकती है।

यहां से करें इंटीरियर डिजाइनिंग की पढ़ाई

  • स्कूल ऑफ इंटीरियर डिजाइन अहमदाबाद
  • पर्ल एकेडमी नई दिल्ली
  • इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ आर्ट एंड डिजाइन नई दिल्ली
  • आर्क कॉलेज ऑफ डिजाइन एंड बिजनेस जयपुर
  • एमआईटी इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन पुणे
  • आईएमएस डिजाइन एंड इनोवेशन एकेडमी 

साथ ही नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन में पांच साल के प्रोफेशनल कोर्स में एडमिशन लेने के लिए आयोजित की जाने वाली प्रवेश परीक्षा में शामिल हो सकते हैं।

यहां से करें आर्किटेक्चर की पढ़ाई

  • आईआईटी खड़गपुर
  • आईआईटी रुड़की
  • स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर नई दिल्ली
  • सर जेजे कॉलेज ऑफ आर्किटेक्चर मुंबई
  • बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी
  • सेंटर फॉर एनवायरनमेंटल प्लानिंग एंड टेक्नोलॉजी अहमदाबाद 

इसके अलावा सीओए( काउंसिल ऑप आर्किटेक्चर) और एआईसीटीई ( ऑल इंडिया काउंसिल ऑफ टेक्निकल एजुकेशन) से मान्यता प्राप्त इंस्टीट्यूट्स को आर्किटेक्चर की पढ़ाई के लिए बेहतर माना जाता है। 

करिअर के अवसर

इंटीरियर डिजाइनिंग  आर्किटेक्चर
आर्ट डायरेक्टर्स आर्किटेक्चरल इंजीनियर
क्राफ्ट आर्टिस्ट हिस्टोरियन
फैशन डिजाइनर बिल्डिंग रिसर्चर
फ्लोरल डिजाइनर ड्राफ्ट्समैन
लैंडस्केप आर्किटेक्चर  सेक्शन इंजीनियर
टेक्नोलॉजिस्ट और प्लानर

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