April 17, 2024 : 7:09 AM
Breaking News
लाइफस्टाइल

40 साल पहले लिखे उपन्यास में कोरोनावायरस जैसी महामारी की भविष्यवाणी, इसे चीन का जैविक हथियार बताया

  • अमेरिकी उपन्यासकार डीन कोन्ट्ज के उपन्यास ‘द आइज ऑफ डार्कनेस’ में वुहान-400 को कोरोनावायरस जैसा बताया
  • उपन्यास के मुताबिक, वुहान-400 को चीन की सेना ने जैविक हथियार के रूप में तैयार किया
  • किताब के एक अंश में चीनी वैज्ञानिक ली चेन को अमेरिका के लिए खतरनाक बताया गया

दैनिक भास्कर

Feb 18, 2020, 07:04 PM IST

लाइफस्टाइल डेस्क. चीन के वुहान से शुरू हुए कोरोनावायरस से 1800 मौते हो चुकी हैं। अब तक इसकी दवा तैयार नहीं की जा सकी है लेकिन वायरस को लेकर अजीबोगरीब बात सामने आई है। सोशल मीडिया पर एक फिक्शन नॉवेल की तस्वीर वायरल हो रही है। पोस्ट में बताया गया है कि 40 साल पहले ही कोरोनावायरस का जिक्र ‘द आइज ऑफ डार्कनेस’ में वुहान-400 के तौर पर किया गया था, जिसे अमेरिकी उपन्यासकार डीन कोन्ट्ज ने लिखा था। 

1981 में लिखा गया था उपन्यास

इस उपन्यास को 1981 में लिखा गया था। सोशल मीडिया पर उपन्यास का जो पेज शेयर हो रहा है उसमें कोरोना वायरस की तरह एक महामारी का जिक्र किया गया है। जिसका नाम वुहान-400 है। उपन्यास के मुताबिक, इसमें इतनी ताकत है कि वह मानव जाति को खत्म कर सकती है। उपन्यास में इसे जैविक हथियार बताया गया है। 

अमेरिकी उपन्यासकार डीन कोन्ट्ज के नॉवेल और उसमें दी गई जानकारी को कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने भी अपने ट्विटर हैंडल से शेयर किया है। मनीष तिवारी ने नॉवेल के पन्नों को शेयर करते हुए लिखा- ‘क्या कोरोनावायरस चीन में बना एक  बायोलॉजिकल वेपन (जैविक हथियार) है, जिसे वुहान-400 नाम दिया गया था। ये किताब 1981 में प्रकाशित हुई थी, इसके अंश को पढ़कर देखें।’

उपन्यास की वो बातें जो चर्चा की वजह बनी

  • उपन्यास में जिस वुहान-400 का जिक्र है वह कोरोनावायरस से मिलता-जुलता है। किताब में बताया गया कैसे चीन की मिलिट्री लैब में एक ऐसा बायोलॉजिकल वेपन तैयार किया जाता है जो पूरी इंसानों की जाति को खत्म करने की ताकत रखता है। 
  • कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने उपन्यास के उस पन्ने को हाईलाइट किया है जहां वुहान-400 का जिक्र है। इस महामारी को जिस लैब में तैयार किया गया वो वुहान शहर के बाहर है। उस लैब में मैन मेड माइक्रो ऑर्गेनिज्म (इंसान द्वारा बनाए गए जीव) बनाए जाते थे। 
  • नॉवेल के चैप्टर 39 में कोन्ट्ज ने लिखा है कि वो लेबोरेट्ररी वुहान में स्थित है. उसी लैब में वुहान-400 नाम का जैविक हथियार बनाया जाता है।
  • किताब के एक अंश में चीनी वैज्ञानिक ली चेन का भी जिक्र करते हुए उनके बारे में लिखा गया है कि चीन का ये वैज्ञानिक अमेरिका के लिए खतरनाक है। इसके पास चीन की सबसे खतरनाक और नया बायोलॉजिकल वेपन है, जिसे तैयार करने में दशक से भी ज्यादा समय लगा है। 
  • नॉवेल में लिखा गया है कि वुहान-400 एक परफेक्ट हथियार है क्योंकि यह सिर्फ इंसानों को शिकार बनाता है और जानवरों पर इसका असर नहीं होता। चीन वुहान-400 का इस्तेमाल करके पूरे शहर और देश को खत्म करने की क्षमता रखता है। इस हथियार के इस्तेमाल करके चीन दूसरे इलाकों पर अपना अधिकार कर सकता है।

Related posts

रावल और धर्माधिकारी के साथ पांडुकेश्वर से निकली यात्रा बद्रीनाथ पहुंची, कल सुबह 4.30 बजे खुलेंगे कपाट

News Blast

क्या अल्कोहल सेनेटाइजर और फेस मास्क भी कोरोनावायरस से नहीं बचा पाता ?

News Blast

आज मनेगी 2564 वीं बुद्ध जयंती, वैशाख पूर्णिमा पर ही सिद्धार्थ कहलाए थे गौतम बुद्ध

News Blast

टिप्पणी दें