April 19, 2024 : 3:40 PM
Breaking News
लाइफस्टाइल

जापानी फार्मा कंपनी टाकेडा बना रही कोरोना वैक्सीन, वायरस से रिकवर हुए मरीज के ब्लड प्लाज्मा से एंटीबॉडी लेकर दवा बनेगी

  • कंपनी का तर्क, रिकवर मरीजों से निकली एंटीबॉडी नए कोरोना मरीजों के लिए कारगर साबित होगी
  • कंपनी ने दवा का नाम TAK-888 रखा, जो खासतौर पर कोरोना को खत्म करने का काम करेगी

दैनिक भास्कर

Mar 19, 2020, 08:45 PM IST

हेल्थ डेस्क. दुनियाभर में कोरोना वायरस की वैक्सीन बनाने कोशिश जारी है। अमेरिका में वैक्सीन का ट्रायल शुरू हो चुका है लेकिन जापानी कंपनी टाकेडा फार्मा की तैयारी थोड़ी अलग है। कंपनी कोरोना से रिकवर हुए मरीजों के ब्लड प्लाज्मा से एंटीबॉडीज लेकर दवा बना रही है। टाकेडा का दावा है यह दवा कोरोना के मरीजों के लिए काफी कारगर साबित होगी। तर्क है कि रिकवर मरीजों से निकली एंटीबॉडी नए कोरोना मरीजों में पहुंचेगी और उनके इम्यून सिस्टम में तेजी से सुधार करेगी और मरीज रिकवर होगा। 

ब्लड प्लाज्मा से दवा कैसे तैयार होगी
ऐसे मरीज जो हाल ही में बीमारी से उबरे हैं उनके शरीर में मौजूद इम्यून सिस्टम ऐसे एंटीबॉडीज बनाता है जो ताउम्र रहते हैं। ये एंटीबॉडीज ब्लड प्लाज्मा में मौजूद रहते हैं। इसे दवा में तब्दील करने के लिए ब्लड से प्लाज्मा को अलग किया जाता है और बाद में इनसे एंटीबॉडीज निकाली जाती हैं। ये एंटीबॉडीज नए मरीज के शरीर में खास थैरेपी की मदद से इंजेक्ट की जाती हैं इसे प्लाज्मा डेराइव्ड थैरेपी कहते हैं। यह मरीज के शरीर को तब तक रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ाता है जब तक उसका शरीर खुद ये तैयार करने के लायक न बन जाए। 

डब्ल्यूएचओ के इमरजेंसी प्रोग्राम हेड माइक रियान के मुताबिक, कोरोनावायरस से इलाज का बेहतर तरीका है। यह मरीजों को सही समय पर दिया जाना चाहिए ताकि शरीर की रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ सके। लेकिन ऐसा करते समय सावधानी बरतना बेहद जरूरी है क्योंकि यह थैरेपी हर बार सफल नहीं होती।

चीन में तैयारी शुरु 
फरवरी में चीन के शंघाई में डॉक्टरों की टीम ने कोरोनावायरस से नए मरीजों को चिन्हित किया गया है। मेयो क्लीनिक के संक्रमण रोग विशेषज्ञ ग्रेग पोलैंड के मुताबिक, चीन में इसकी शुरुआत की जानकारी मिली है लेकिन अब तक कोई रिसर्च जर्नल में प्रकाशित नहीं हुई है। लेकिन उनकी कोशिश जारी है।

कितनी दवा तैयार की जाएगी
जापानी दवा कंपनी टाकेडा पहले भी इम्युनिटी को बढ़ाने वाली दवा बना चुकी है, जिसका नाम इंटरवेनस इम्युनोग्लोबिन है। इसका इस्तेमाल इम्यून डिसऑर्डर का इलाज करने में किया जाता है। इसे तैयार करने में स्वस्थ लोगों की एंटीबॉडीज का इस्तेमाल किया गया है। कंपनी का दावा है कि यह सुरक्षित और कारगर है, साथ ही इससे वायरस फैलने का खतरा नहीं है। कंपनी कोरोनावायरस की जो नई दवा बना रही है उसमें कोरोनावायरस से ठीक हो चुके मरीजों की एंटीबॉडी का इस्तेमाल किया जाना है। कंपनी ने दवा का नाम TAK-888 रखा है, जो खासतौर पर कोरोना को खत्म करने का काम करेगी।  

कंपनी के प्रेसिडेंट जूली किम के मुताबिक, सिंगर डोनर से कोरोना के मरीज को ठीक किया जा सकेगा। हालांकि यह निर्भर करता है कि जो मरीज रिकवर हुआ है उसके शरीर में कितनी एंटीबॉडीज हैं। जिसे TAK-888 की डोज में शामिल किया जा सके।

Related posts

ग्लोबल वार्मिंग से घटेंगे डेंगू के मामले:गर्मी बढ़ने पर डेंगू फैलाने वाले मच्छर सुस्त पड़ जाते है, ये न उड़ पाते हैं और न संक्रमित करने लायक बचते हैं; अमेरिकी वैज्ञानिकों का दावा

News Blast

मॉस्को की यूनिवर्सिटी सारे ट्रायल पूरे करने में सबसे आगे, सितंबर तक Gam-COVID वैक्सीन बाजार में आ सकती है

News Blast

4 जुलाई तक सात राशि वालों को जॉब और बिजनेस में मिल सकता है किस्मत का साथ

News Blast

टिप्पणी दें