April 15, 2024 : 6:38 PM
Breaking News
खेल

ऑस्ट्रेलिया ने गेंद चमकाने के लिए पसीने या लार के इस्तेमाल पर रोक लगाई, एक हफ्ते बाद प्रैक्टिस शुरू होगी

  • ऑस्ट्रेलिया सरकार ने खेलों की वापसी को लेकर तीन चरणों वाला खाका तैयार किया
  • पहले चरण में व्यक्तिगत प्रैक्टिस के अलावा हर चीज पर प्रतिबंध है
  • दूसरे फेज में सीमित खिलाड़ियों को नेट प्रैक्टिस की इजाजत होगी

दैनिक भास्कर

May 01, 2020, 10:07 PM IST

ऑस्ट्रेलिया में कोरोनावायरस का असर कम होने के बाद जब क्रिकेट दोबारा शुरू होगा तो गेंद को चमकाने के लिए लार या पसीने का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। ऑस्ट्रेलिया सरकार ने खेलों की वापसी को लेकर जो खाका तैयार किया था, उसमें यह सुझाव शामिल है। क्रिकेट वेबसाइट ईएसपीएन क्रिकइंफो के मुताबिक, ऑस्ट्रेलियन इंस्टिट्यूट ऑफ स्पोर्ट (एआईएस) ने मेडिकल एक्सपर्ट, खेल संगठनों के अलावा राज्य सरकारों से चर्चा के बाद यह गाइडलाइन जारी की। इसमें गेंद को चमकाने के लिए पसीने और लार के इस्तेमाल पर प्रतिबंध की बात कही गई है। 

इधर, ऑस्ट्रेलिया सरकार ने देश में खेलों की वापसी को लेकर जो खाका तैयार किया है। उसमें तीन चरणों (ए, बी और सी) में वापसी का जिक्र किया है। फिलहाल, कोरोना की वजह से खेलों पर जो रोक लगाई गई है, वह ‘ए’ स्तर की है। इसमें व्यक्तिगत प्रैक्टिस करने के अलावा हर तरह की ट्रेनिंग पर प्रतिबंध है। एक हफ्ते बाद इसमें ढिलाई दी जाएगी और इसे ‘बी’ स्तर का कर दिया जाएगा। इसमें बल्लेबाज नेट्स पर प्रैक्टिस कर सकेंगे। लेकिन गेंदबाजों की संख्या सीमित ही रहेगी। हालांकि, फील्डिंग को लेकर किसी तरह की पाबंदी नहीं रहेगी। लेकिन खिलाड़ियों के आपस में सम्पर्क को नियंत्रित ही रखा जाएगा। इस दौरान गेंद पर लार या पसीने के इस्तेमाल पर रोक जारी रहेगी।

तीसरे चरण में प्रैक्टिस की छूट होगी

तीसरे और आखिरी चरण में प्रैक्टिस की पूरी तरह छूट होगी, लेकिन इसमें भी गेंद को चमकाने के लिए लार के इस्तेमाल की इजाजत नहीं होगी। गाइडलाइन के मुताबिक, कोरोना के लक्षण वाले किसी भी खिलाड़ी को प्रैक्टिस से दूर रहने की सलाह दी गई है। इसके अलावा, पिछले 14 दिन में अगर कोई खिलाड़ी की तबियत खराब रही हो या वह किसी कोरोना संदिग्ध के सम्पर्क में भी आया हो तो उसे भी मैदान पर आने की इजाजत नहीं होगी।  

वॉर्नर ने लार के इस्तेमाल को रोकने का विरोध किया 

एक दिन पहले ही ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज डेविड वॉर्नर ने गेंद को चमकाने के लिए लार के इस्तेमाल को नहीं रोके जाने की वकालत की थी। उन्होंने क्रिकेट डॉट कॉम डॉट एयू से कहा था कि आप ड्रेसिंग रूम और अन्य चीजें शेयर कर रहे हैं, जो ज्यादा खतरनाक है। ऐसे में मुझे नहीं लगता कि इसे (लार के इस्तेमाल) बदलने की जरूरत है। सालों से ऐसा ही हो रहा है। मुझे याद भी नहीं है कि इससे कोई बीमार हुआ हो। संक्रमण फैलाने के लिए एक यही चीज जरूरी नहीं है। वहीं, पूर्व ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज शॉन टेट के विचार वॉर्नर के बिल्कुल उलट हैं। उन्होंने कहा था कि लार का इस्तेमाल अब पुरानी बात हो गई है। ऐसे में हमें नए बदलावों को स्वीकार करना चाहिए। 

आईसीसी गेंद चमकाने के लिए आर्टिफिशियल पदार्थ के इस्तेमाल पर विचार कर रहा
हाल ही में इस संबंध में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद की बैठक हुई थी। इसमें आईसीसी की मेडिकल कमेटी के प्रमुख पीटर हरकोर्ट ने गेंद को चमकाने के लिए आर्टिफिशियल पदार्थ के इस्तेमाल करने का सुझाव रखा था। उन्होंने कहा था कि हमारा अगला कदम इंटरनेशनल क्रिकेट को फिर से शुरू करने के लिए एक रोडमैप तैयार करना है। इसमें उन सभी बदलावों को शामिल किया जाएगा, जो क्रिकेट और खिलाड़ियों के लिए जरूरी हैं। 

Related posts

यूएई में बीसीसीआई के मेडिकल ऑफिसर कोरोना संक्रमित, नेशनल क्रिकेट एकेडमी में भी दो लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव

News Blast

कप्तान स्टीव स्मिथ, ऑलराउंडर स्टोक्स और जोस बटलर चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ पहला मैच नहीं खेल सकेंगे

News Blast

ऑस्ट्रेलिया को झटका: तेज गेंदबाज मिशेल स्टार्क पारिवारिक कारणों से टी-20 से हटे; टेस्ट खेलने पर भी सस्पेंस

Admin

टिप्पणी दें