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84 % भारतीय मानते हैं कोरोना से रिकवरी में 1 साल लग सकता है, 63 % के मुताबिक सावधानी बरतें तो हारेगा वायरस

  • रिसर्च एजेंसी वेलोसिटी एमआर ने देश के 10 प्रमुख शहरों के 2100 लोगों पर किया सर्वे
  • 52 फीसदी लोग कोरोनावायरस के प्रकार और बचाव जैसी बातों को लेकर जागरुक हैं

दैनिक भास्कर

Apr 01, 2020, 09:11 PM IST

हेल्थ डेस्क. 84 फीसदी भारतीय मानते हैं कि कोरोना से रिकवरी करने में 6 महीने से 1 साल तक का समय लग सकता है। 75 फीसदी लोग कोरोनावायरस संक्रमण को लेकर काफी चिंतित हैं। वहीं, 52 फीसदी लोग कोरोनावायरस के प्रकार और संक्रमण कैसे फैलता है जैसी बातों को लेकर जागरुक हैं। ये बातें रिसर्च एजेंसी वेलोसिटी एमआर के सर्वे में सामने आई हैं।

70 फीसदी मानते हैं बीमार बुजुर्गों को खतरा ज्यादा
सर्वे देश के 10 शहरों के 2100 लोगों पर किया गया है। इन शहरों में दिल्ली, मुम्बई, बेंगलुरू, कोलकाता, चेन्नई, हैदराबाद, पुणे, लखनऊ, अहमदाबाद और जयपुर शामिल हैं। सर्वे में शामिल 70 लोग मानते हैं कि पहले से बीमार बुजुर्ग लोगों को कोरोनावायरस का खतरा ज्यादा है। हालांकि 63 फीसदी लोगों के मुताबिक, अगर साफ-सफाई और जरूरी सावधानी बरती जाएं तो कोरोना को हराया जा सकता है।

78 फीसदी लॉकडाउन का पालन कर रहे
रिसर्च एजेंसी वेलोसिटी एमआर के सीईओ जैसल शाह के मुताबिक, 81 फीसदी भारतीयों ने कोरोनावायरस से बचाव के लिए बार-बार हाथ धोना शुरू कर दिया है। 78 फीसदी लोग जितना संभव हो सकता है भीड़भरी जगहों पर जाने से बच रहे हैं। सर्वे में शामिल 72 फीसदी लोगों ने कहा, भविष्य में सफर करते समय बहुत सावधानी बरतेंगे। 

25 फीसदी को वर्क फ्रॉम होम की अनुमति नहीं
58 फीसदी भारतीयों ने बताया, वे रोजमर्रा जरूरत की चीजें नहीं खरीद सके हैं, वहीं 46 फीसदी लोगों को अभी भी नौकरी के कारण बाहर निकलना पड़ रहा है। लॉकडाउन के दौर में कई कम्पनियों ने अब तक वर्क फ्रॉम होम की सुविधा नहीं दी है। 25 फीसदी लोगों का कहना है कि संस्थान की ओर घर से काम करने की अनुमति नहीं मिली है। 

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