February 27, 2024 : 7:52 AM
Breaking News
लाइफस्टाइल

क्या कोरोना से पीड़ित गर्भवती महिला को ब्रेस्टफीड कराना सही है, डब्ल्यूएचओ से जानिए ऐसे कई सवालों के जवाब

  • विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, अगर महिला कोरोना से संक्रमित है और ब्रेस्टफीड नहीं कर सकती तो मिल्क बैंक की मदद ले सकती है

दैनिक भास्कर

Apr 04, 2020, 08:46 PM IST

हेल्थ डेस्क. क्या कोरोना संक्रमित महिला बच्चे को ब्रेस्टफीड करा सकती है, क्या संक्रमित महिला को सिजेरियन डिलीवरी की जरूरत है…कोरोनावायरस से जुड़ेे ऐसे कई सवाल गर्भवती महिलाओं के मन में होंगे। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) प्रेग्नेंसी और कोरोनावायरस से जुड़े कुछ सवालों के जवाब दिए हैं, जानिए इनके बारे में…

#1) क्या गर्भवती महिलाओं को कोरोनावायरस का खतरा अधिक है?

डब्ल्यूएचओ : दुनियाभर में इस पर रिसर्च जारी है लेकिन अब तक कोई ऐसा प्रमाण नहीं मिला है जो साबित करे कि आम लोगों को मुकाबले गर्भवती महिलाओं को कोरोना संक्रमण का खतरा ज्यादा है। हालांकि प्रेग्नेंसी के दौरान गर्भवती महिलाओं के शरीर में कई बदलाव होते हैं जिससे उन्हें सांस से जुड़ा संक्रमण होने का खतरा हो सकता है। इसलिए जरूरी सावधानी जरूर बरतें।  बुखार, खांसी और सांस लेने में तकलीफ होने पर डॉक्टरी सलाह लें। 

#2) क्या कोरोना से पीड़ित महिला को सिजेरियन डिलीवरी की जरूरत है?

डब्ल्यूएचओ : नहीं। सिजेरियन डिलीवरी की सलाह तभी दी जाती है जब डॉक्टर के मुताबिक सही हो। हर महिला की डिलीवरी का प्रकार उसकी स्थितियों पर निर्भर करता है। 

#3) क्या कोरोना संक्रमित महिला बच्चे को ब्रेस्टफीड करा सकती है?

डब्ल्यूएचओ : हां, वह ऐसा कर सकती है लेकिन कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है, जैसे ब्रेस्टफीड कराते समय मास्क पहनें, बच्चे को छूने से पहले और बाद में हाथ जरूर धोएं। अगर कोरोना से संक्रमित हैं और बच्चे को ब्रेस्टफीड कराने की स्थिति में नहीं है तो एक्सप्रेसिंग मिल्क या डोनर ह्यूमन मिल्क का इस्तेमाल कर सकती हैं।

#4) मैं प्रेग्नेंट हूं, मैं खुद को कोरोना के संक्रमण से कैसे दूर रखूं?

डब्ल्यूएचओ : गर्भवती महिलाओं को भी वही सावधानी बरतने की जरूरत है जो आम लोगों को सलाह दी जा रही है। 

  • अल्कोहल बेस्ड सैनेटाइजर या साबुन से बार-बार हाथ धोएं। 
  • भीड़भाड़ वाली जगहों से दूर रहें।  
  • आंख, नाक और मुंह को बार-बार न छुएं। 
  • खांसते या छींकते समय मुंह को दाहिनी कोहनी पर रखें या टिशु पेपर का इस्तेमाल करें। टिशु पेपर एक बार इस्तेमाल होने पर उसे डिस्पोज करें। 
  • खांसी, बुखार महसूस होने पर तत्काल डॉक्टरी सलाह लें।

#5) क्या गर्भवती महिला को कोरोना की जांच की जरूरत है?

डब्ल्यूएचओ : जांच की कितनी जरूरत है, यह इस पर निर्भर करता है कि आप कहां रहती है। अगर संक्रमण से जुड़ा कोई भी लक्षण महसूस होता है तो तुरंत जांच कराएं क्योंकि ऐसी स्थिति में खास देखभाल की जरूरत होती है।

#6) क्या कोरोनावायरस गर्भवती महिला से उसके होने वाले बच्चे में पहुंच सकता है?

डब्ल्यूएचओ : गर्भवती महिला से उसके होने वाले बच्चे में वायरस पहुंचने की कोई जानकारी नहीं सामने आई है। अब तक गर्भवती महिला के एम्नियोटिक फ्लूइड  और ब्रेस्ट मिल्क में कोरोनावायरस नहीं मिला है। 

#7) प्रेग्नेंसी और डिलीवरी के दौरान क्या सावधानी बरतने की जरूरत है?

डब्ल्यूएचओ : हर गर्भवती महिला को सावधानी बरतने की जरूरत है चाहें वो कोरोना से संक्रमित हो या न हो। डिलीवरी के दौरान महिला के इच्छा मुताबिक, किसी पारिवारिक सदस्य का होना जरूरी है। मैटरनिटी स्टाफ से सीधी बातचीत होनी चाहिए। अगर संक्रमण की पुष्टि होती है तो हेल्थ वर्कर को जरूरी सावधानी बरतने की जरूरत है ताकि दूसरी महिलाएं न प्रभावित हों। ऐसी स्थिति महिला के पास हैंड सैनेटाइजर, मास्क, गाउन और मेडिकल मास्क होना जरूरी है। 

Related posts

आषाढ़ महीने में सूर्य ग्रहण और 4 ग्रहों की अशुभ स्थिति दे रही है प्राकृतिक आपदा का संकेत

News Blast

अब तक वैक्सीन के नतीजे असरदार, एम्स पटना देश का पहला संस्थान जहां ह्यूमन ट्रायल का दूसरा चरण शुरू होगा, 29 जुलाई से अगली डोज दी जाएगी

News Blast

14 मई को वृष संक्रांति: इस पर्व पर सूर्य को अर्घ्य देने और अन्न-जल के दान से बढ़ती है उम्र और दूरी होती है बीमारियां

Admin

टिप्पणी दें