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अमेरिका, चीन और यूरोप में पहला कोरोना वैक्सीन की बनाने की होड़, फार्मा कंपनियां प्रतिस्पर्धा भूलकर ‘मिशन वैक्सीन’ में जुटीं

  • फार्मा कंपनियों की सरकार से गुजारिश, वैक्सीन तैयार होने पर इसे स्टोर न करें, दुनिया तक पहुंचाएं
  • वैक्सीन का ट्रायल जारी, लेकिन इसमें शामिल स्वस्थ इंसानों की सुरक्षा भी अहम मुद्दा

दैनिक भास्कर

Apr 07, 2020, 12:30 AM IST

वॉशिंगटन. पिछले तीन महीने में कोरोनावायरस एक महामारी में बदल गया है। चीन, यूरोप और अमेरिका ने कोरोना वैक्सीन तैयार करने के लिए कमर कस ली है। तीनों ही देशों में वैक्सीन का ट्रायल बड़े स्तर चल रहा है, यह सफल होने पर सरकार पहले अपने ही देश के लोगों को वैक्सीन उपलब्ध कराने की कोशिश करेगी। खास बात है कि इस समय कई कंपनियां अपनी प्रतिस्पर्धा को भूलकर देश के लिए एकजुट होकर देशहित में काम कर रही हैं और मिशन वैक्सीन में जुटी हैं।
चीन में वैक्सीन तैयार, ट्रायल के लिए भर्तियां जारी
चीन में 1 हजार वैज्ञानिक वैक्सीन बनाने में जुटे हैं। यहां अकेडमी ऑफ मिलिट्री मेडिकल साइंस ने वैक्सीन तैयार कर ली है जिसके ट्रायल के लिए भर्तियां की जा रही हैं। चाइनीज एकेडमी ऑफ साइंस के विशेषज्ञ वैंग जूंझी कहते हैं कि चीन दूसरे देशों से पीछे नहीं है। जॉन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के सेंटर फॉर हेल्थ सिक्योरिटी से जुड़े डॉ. अमीश एडल्जा के मुताबिक, आप चाहते हैं कि सभी सहयोग करें। इसलिए जितनी जल्दी हो सके वैक्सीन तैयार करने के लिए आगे आएं।
सफल होने पर दुनिया तक वैक्सीन पहुंचाने की गुजारिश
दुनिया की एक बड़ी फार्मा कंपनी के एग्जीक्यूटिव का कहना है, हम सरकार के साथ मिलकर वैक्सीन को जल्द से जल्द से तैयार करने और उसे लोगों तक पहुंचाने की योजना पर काम कर हैं। फार्मा कंपनियां सरकार से गुजारिश कर रही हैं कि वैक्सीन तैयार होने पर इसे स्टोर करने पर फोकस न करें वरना महामारी का दायरा और बढ़ेगा। स्विस फार्मा कंपनी की चीफ एग्जीक्यूटिव सेवरेन शेच्वान कहती हैं कि मैं हर इंसान को प्रोत्साहित करूंगी कि वो यह बात न कहे कि ‘हमें अपने देश में सब कुछ हासिल करना है और बॉर्डर को बंद कर दीजिए’। इस तरह का देशप्रेम दुनियाभर के लोगों से हमारे जुड़ाव को खत्म कर  देगा।
अमेरिकी प्रशासन का दावा, वैक्सीन तैयार होने में 12-18 माह लगेंगे
अमेरिकी राष्ट्रपति लगातार आश्वासन दे रहे हैं कि वैक्सीन पूरे जोरशोर पर तैयार की जा रही है। फिलहाल अभी एंटीवायरस ड्रग का इस्तेमाल सरकारी गाइडलाइन के मुताबिक, कोरोनावायरस के मरीजों पर किया जा रहा है। अमेरिकी प्रशासन और देश की प्रमुख फार्मा कंपनी का कहना है कि अभी वैक्सीन तैयार होने में 12 से 18 महीने लगेंगे।
साथ आईं दुनिया की नामी फार्मा कंपनियां
फ्रांस की सेनोफी पाश्चर कंपनी कोरोना वैक्सीन तैयार करने में दुनिया सबसे बड़ी कंपनियों के साथ मिलकर काम कर रही है। इसमें अमेरिका की एलि लिली, जॉनसन एंड जॉनसन और जापान की टाकेडा भी शामिल है। सेनोफी पाश्चर कंपनी के एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट डेविड लोइयू के मुताबिक, वैक्सीन का ट्रायल चल रहा है, इस दौरान किसी स्वस्थ इंसान में वैक्सीन का इंजेक्शन लगाते समय उनकी सुरक्षा का भी ध्यान रखना जरूरी है। 

चीनी वैज्ञानिकों पर रिसर्च की जानकारी चोरी करने का आरोप
वुहान में कोरोना के शुरुआती केसेस दिखने के बाद रिसर्च चोरी करने के मामले भी सामने आए। अमेरिकी सुरक्षा एजेंसी एफबीआई ने ऐसे वैज्ञानिकों को चिन्हित किया जो अमेरिका की बायोमेडिकल रिसर्च से जुड़ी अहम जानकारी चुरा रहे थे। इनमें ज्यादातर चीनी वैज्ञानिक थे। पिछले साल 180 ऐसे मामलों पर जांच शुरू हुई।  

सफलता मिलते ही बड़े स्तर पर वैक्सीन तैयार करने का दावा

टेलीकॉन्फ्रेंसिंग पर हुई बातचीत में दुनिया की पांच बड़ी फार्मा कंपनियों के एग्जीक्यूटिव ने बताया, वैक्सीन तैयार करने में सफलता मिलते ही इसे बड़े स्तर पर तैयार करने की पूरी कोशिश करेंगे। ऐसी स्थिति में तुरंत लाइसेंस की जरूरत होगी। उनका कहना है कि ज्यादा से ज्यादा टेस्टिंग प्रोग्राम शुरू किए जाएं ताकि वैक्सीन तैयार करने में सफलता मिल सके।

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