February 27, 2024 : 10:03 AM
Breaking News
खेल

रैना ने कहा- सिलेक्टर्स का हम पर ध्यान नहीं, ऐसे में मेरे जैसे खिलाड़ी जिनका बोर्ड से करार नहीं उन्हें विदेशी लीग में खेलने की मंजूरी मिले

  • सुरेश रैना ने कहा कि हमारे जैसे खिलाड़ियों को बिग बैश या सीपीएल जैसी लीग में खेलने की मंजूरी दी जाए, ताकि हम अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के लिए तैयार रहें
  • भारतीय क्रिकेटरों को आईपीएल के अलावा दूसरी लीग में खेलने की मंजूरी नहीं, संन्यास के बाद वीरेंद्र सहवाग और युवराज विदेशी लीग में खेले हैं

दैनिक भास्कर

May 11, 2020, 11:24 PM IST

2 साल से टीम इंडिया से बाहर चल रहे सुरेश रैना ने कहा कि उन भारतीय क्रिकेटरों को विदेशी टी-20 लीग में खेलने की मंजूरी मिले, जिनका बीसीसीआई से करार नहीं। उन्होंने साथी खिलाड़ी इरफान पठान से इंस्टाग्राम पर लाइव चैट पर यह बात कही। 
रैना ने कहा कि विदेशी टी-20 लीग में खेलना उन उम्रदराज खिलाड़ियों के लिए अच्छा होगा, जो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी की कोशिश कर रहे हैं। मुझे उम्मीद है कि बीसीसीआई फ्रेंचाइजी और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के साथ मिलकर यह तय कर सकता है कि जिन भारतीय खिलाड़ियों का बोर्ड से अनुबंध नहीं है, वे बिग बैश जैसी टी-20 लीग में खेल सकें। 

कई खिलाड़ी आईपीएल में भी नहीं खेल रहे: रैना
उन्होंने आगे कहा कि मुझे लगता है कि मेरे अलावा युसूफ पठान, रॉबिन उथप्पा जैसे खिलाड़ी हैं, जो विदेशी टी-20 लीग में खेलकर काफी सीख सकते हैं। हमें कम से कम दो विदेशी टी-20 लीग में खेलने की मंजूरी दी जाए। क्योंकि हम बीसीसीआई की कॉन्ट्रैक्ट लिस्ट में नहीं है। कई के पास आईपीएल फ्रेंचाइजी के साथ भी करार नहीं है।

‘घरेलू क्रिकेट में अतंरराष्ट्रीय स्तर जैसी प्रतिस्पर्धा नहीं’

रैना ने कहा कि घरेलू क्रिकेट में अंतरराष्ट्रीय स्तर जैसी प्रतिस्पर्धा नहीं है। अगर साल में हमें तीन महीने की क्वालिटी क्रिकेट खेलने का मौका मिले। फिर फिर चाहें कैरिबियन प्रीमियर लीग(सीपीएल) या ऑस्ट्रेलिया की बिग बैश लीग ही क्यों न नो। इससे हम अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के लिए हमेशा तैयार रहेंगे। 

‘दूसरे देशों के खिलाड़ियों ने टी-20 लीग के दम पर वापसी की’
इस बाएं हाथ के बल्लेबाज के मुताबिक, दूसरे देशों के कई खिलाड़ी इस तरह की टी-20 लीग में खेल रहे हैं। यहां अच्छे प्रदर्शन के दम पर उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी भी की है। भारत में सिलेक्टर्स 40-50 खिलाड़ियों के पूल से बाहर किसी को नहीं देखते।

उन्हें लगता है कि इससे बाहर के खिलाड़ी अच्छे नहीं है या ऐसा मानते हैं कि उनका करियर खत्म हो गया है। ऐसे में अगर हम विदेशी लीग में खेलते और अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो इससे हमारा क्रिकेट ही सुधरेगा। 

भारतीय क्रिकेटरों को विदेशी लीग में खेलने की इजाजत नहीं

आईपीएल को छोड़ दें, तो बीसीसीआई ने किसी भी एक्टिव भारतीय खिलाड़ी को फ्रेंचाइजी लीग में खेलने की मंजूरी नहीं दी है। हालांकि, संन्यास के बाद कुछ खिलाड़ी जरूर विदेशी क्रिकेट लीग में खेल रहे हैं। इसमें वीरेंद्र सहवाग टी-10, युवराज सिंह ग्लोबल टी-20 लीग कनाडा के लिए खेले हैं।

पिछले साल हरभजन सिंह ने भी इंग्लैंड की ‘द हंड्रेड'(100 बॉल का मैच) के लिए करार किया था। लेकिन आईपीएल में खेलने के लिए इससे हट गए। 

Related posts

पूजा रानी के बॉक्सर बनने की कहानी:घर में बिना बताए खेलना शुरू किया, कॉलेज में एडमिशन के बाद पहली बार पहना था बॉक्सिंग ग्लव्स

News Blast

इंग्लैंड के 100 रन के भीतर 2 विकेट गिरे, जैक क्राउली ने लगातार दूसरी फिफ्टी लगाई

News Blast

दोनों क्रिकेटर बनना चाहते थे, दोनों ने परिवार का दबाव झेला; धोनी जिद करके कामयाब हुए, सुशांत रास्ता बदलकर एक्टर बने

News Blast

टिप्पणी दें