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वायरस के संक्रमण से नष्ट होते फेफड़ों को बचा लेगी अमेरिका में बनी नई दवा EIDD-2801, इसकी टेबलेट का ट्रायल शुरू

  • शोधकर्ताओं का दावा- वायरस शरीर में अपना जेनेटिक मैटेरियल बढ़ाने के लिए जिस एंजाइम का प्रयोग करता है, यह दवा उसे ब्लॉक करती है
  • EIDD-2801 पूरी तरह से एंटी-कोरोना ड्रग है, जिसे वायरस का मुकाबला करने के लिए तैयार किया गया है

दैनिक भास्कर

Apr 15, 2020, 10:27 AM IST

न्यूयॉर्क. अमेरिकी वैज्ञानिकों ने कोरोना से लड़ने के लिए नई दवा EIDD-2801 तैयार की है। रिसर्च के दौरान इसका प्रयोग कोरोनावायरस से संक्रमित चूहों और इंसानी फेफड़ों पर सफल रहा है। यह एक एंटीवायरल ड्रग है जो फेफड़ों के डैमेज को कंट्रोल करती है। अमेरिका के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) ने इस दवा को इंसानों पर ट्रायल करने की अनुमति दे दी है।

कोरोना के लगातार फैलते संक्रमण और दुनियाभर में इससे हो रही मौतों के बीच, नई दवा की कामयाबी से महामारी पर काबू पाने में मदद मिल सकती है। ड्रग तैयार करने वाली इमोरी यूनिवर्सिटी का कहना है इसे टेबलेट के रूप में लिया जा सकेगा।

दवा से जुड़ी 07 बड़ी बातें 
#1) वैज्ञानिकों ने नाम दिया ‘रिलीफ ड्रग’ : शोधकर्ताओं ने नई दवा को ‘रिलीफ ड्रग’ का नाम दिया है। शोधकर्ताओं के मुताबिक, दवा का इस्तेमाल नए कोरोनावायरस से संक्रमित चूहे और इंसानी फेफड़ों की कोशिकाओं पर किया गया है। इसका इस्तेमाल कोरोना संक्रमित मरीजों की अलग-अलग स्थिति में किया जा सकेगा। 

#2) कैसे काम करती है दवा : इमोरी यूनिवर्सिटी के डिपार्टमेंट ऑफ माइक्रोबायलॉजी एंड इम्यूनोलॉजी के प्रोफेसर रॉल्फ बेरिक का कहना है यह दवा संक्रमण शुरु होने के 12 से 24 घंटे के अंदर डैमेज होते फेफड़ों को कंट्रोल करने लगती है। इस दौरान यह घटते वजन को भी नियंत्रित करने का काम करती है। चूहे में हुए प्रयोग में इसकी पुष्टि भी हुई है। 

#3) इसलिए सबसे खास है यह दवा : साइंस ट्रांजेशनल मेडिसिन जर्नल के मुताबिक, दिसम्बर 2019 में दवा की पहली रिपोर्ट में सामने आया कि यह कोरोनावायरस की संख्या को बढ़ने से रोकती है। एक दूसरे प्रयोग में साबित हुआ कि इस दवा के कारण वायरस की गतिविधियों पर रोक लग जाती है। इस मामले में EIDD-2801 दूसरी ड्रग्स जैसे रेमडेसिवीर से भी बेहतर है।

#4) EIDD-2801 रेमडेसिवीर से बेहतर : शोधकर्ताओं का कहना है कि अभी कोरोना के मरीजों को एंटी-वायरल दवा रेमडेसिवीर दी जा रही है। EIDD-2801 और रेमडेसिवीर दोनों ही दवाओं में काफी समानताएं हैं, लेकिन कई मायनों EIDD-2801 बेहतर है। वायरस शरीर में अपना जेनेटिक मैटेरियल बढ़ाने के लिए जिस एंजाइम का प्रयोग करता है, यह दवा उसी को ब्लॉक करती है।

#5) कोरोना फैमिली के हर वायरस से बचाव होगा : शोधकर्ताओं का दावा है कि यह दवा कोरोनावायरस के पूरे समूह के लिए कारगर साबित होगी। इमोरी यूनिवर्सिटी की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक, वर्तमान में कोरोना मरीज को दवाएं नसों की मदद से दी जा रही हैं लेकिन नए ड्रग को टेबलेट के रूप में लिया जा सकेगा।

#6) पूरी तरह से एंटी-कोरोनावायरस ड्रग : शोधकर्ताओं का दावा है कि EIDD-2801 पूरी तरह एंटी-कोरोनावायरस ड्रग है, जो खासतौर पर कोरोना को रोकने के लिए काम करेगी। फिलहाल वर्तमान में सपोर्टिव ट्रीटमेंट के तौर पर हाडड्रोक्सी क्लोरोक्वीन और प्लाज्मा थैरेपी दी जा रही है। 

#7) दूसरे कोरोना वायरस के लिए तैयार हुई थी दवा : अमेरिकी वेबसाइट एबीसी न्यूज के मुताबिक, EIDD-2801 को दरअसल इंफ्लूएंजा और कोरोनावायरस के दूसरे दो प्रकारों के लिए तैयार किया गया था। लेकिन अब इसे नए कोरोनावायरस के संक्रमण कोविड-19 के इलाज के लिए प्रयोग किया जा रहा है।

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