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हैंड सैनेटाइजर से एलर्जी है क्या करें, एक्सपर्ट का जवाब; सैनेटाइजर से बेहतर साबुन, इसलिए इससे बार-बार हाथ धोते रहें

  • एक्सपर्ट के मुताबिक, डायबिटीज के रोगी ब्लड प्रेशर और शुगर कंट्रोल करें, इससे संक्रमण का खतरा कम होता है टलता नहीं है
  • हर हाल में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें वरना संक्रमण का ज्यादा है, इसलिए घर में रहें क्योंकि बचाव ही इलाज है

दैनिक भास्कर

Apr 18, 2020, 11:00 PM IST

नई दिल्ली. हैंड सैनेटाइजर से एलर्जी हैं तो क्या करें, क्या  कोविड-19 छूत की बीमारी है, मैं डायबिटीज का रोगी हूं मैं क्या सावधानी बरतूं… ऐसे कई सवाल लोगों के जेहन में चल रहे हैं। जिसका जवाब ऑल इंडिया रेडिया ने जारी किए हैं। डॉ. मधुर यादव, निदेशक, लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज, नई दिल्ली से जानिए, इन सवालों के जवाब….

#1) अगर हैंड सैनेटाइजर से एलर्जी हैं तो क्या करें?
हैंड सैनेटाइजर में मुख्य रूप से अल्कोहल होता है। उसके साथ कुछ एडिटिव्स होते हैं हो सकता है उससे एलर्जी हो। मेरी सलाह है कि सैनेटाइजर से बेहतर साबुन है। साबुन-पानी से हाथ अच्छी तरह धोएं, इतना ही काफी है।

#2) एक ही मास्क का प्रयोग कितने दिन तक कर सकते हैं?
अगर आप बीमार नहीं हैं तो मास्क की जगह कपड़ा, गमछा या रुमाल मुंह पर लपेट लें। एन-95 मास्क आम जनता के लिए नहीं डॉक्टरों के लिए है। अगर आप कपड़े या रुमाल का मास्क इस्तेमाल कर रहे हैं तो जितनी बार चाहें उसे लगा सकते हैं लेकिन धोकर, धूप में सुखाकर या उस पर सैनेटाइजर भी लगा सकते हैं।

घर पर हैं तो बेहतर होगा सैनेटाइजर की जगह साबुन से हाथ धोएं।

#3) कोरोना महामारी के बीच डायबिटीज के रोगी को क्या सावधानी बरतने की जरूरत है?
मधुमेह के रोगियों को अपना ब्लड प्रेशर और शुगर लेवल कंट्रोल करने की जरूरत है। इस तरह संक्रमण का खतरा कम हो जाता है लेकिन पूरी तरह से टलता नहीं है, इसलिए घर में रहना ही बेहतर बचाव है।

#4) क्या कोविड-19 छूत की बीमारी है?
नहीं, अभी इसे छूत की बीमारी नहीं कहा गया है लेकिन यह फैलती तेजी से है। अगर आप सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं करेंगे तो संक्रमित इंसान के मुंह या नाक से निकलने वाले ड्रॉपलेट्स के संपर्क में आ सकते हैं और संक्रमण हो सकता है।

हालिया रिसर्च के मुताबिक, गंध न महसूस होना भी संक्रमण का इशारा है।

#5) स्वास्थ्य मंत्रालय रोग नई एडवाइजरी जारी करता है, ऐसा क्यों?
सरकार चाहती है कि वो जनता को हर स्थिति की जानकारी दे, जैसे-कितने मरीज ठीक हुए और कितने संक्रमित हुए। नई एडवाइजरी के रूप में लोगों को बचाव की सलाह दी जाती है। पहले कहा गया केवल मरीज मास्क लगाएं, अब कहा जा रहा है कि सभी लोग मास्क लगाएं। जैसे-जैसे संक्रमण बढ़ रहा है, वैसे-वैसे नई एडवाइजरी आती रहेंगी, सभी को उनका पालन करना जरूरी है।

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