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ट्रेकिंग के शौकीन लोगों की पसंद है तुंगनाथ महादेव मंदिर, माता पार्वती और पांडवों ने यहां की थी तपस्या

  • पंच केदार में तीसरा है तुंगनाथ मंदिर, बुधवार को 11.30 बजे खुल गए मंदिर के कपाट

दैनिक भास्कर

May 21, 2020, 02:25 PM IST

बुधवार को 11.30 बजे उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले के चोपटा क्षेत्र में स्थित प्राचीन तुंगनाथ महादेव मंदिर के कपाट वैदिक मंत्रोंच्चारण के साथ खुल गए हैं। नेशनल लॉकडाउन की वजह से कुछ ही लोगों की उपस्थिति में कपाट खोले गए। उत्तराखंड में पंचकेदार स्थित हैं। इन मंदिरों की कथाएं पांडवों से जुड़ी हैं। ठंड के दिनों में यहां वातावरण प्रतिकूल रहता है। इस वजह से तुंगनाथ मंदिर क्षेत्र दर्शनार्थियों के लिए बंद कर दिया जाता है। गर्मी के दिनों में मंदिर के कपाट खोले जाते हैं।

भगवान तुंगनाथ का प्रथम रूद्राभिषेक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से संपन्न हुआ। इस अवसर पर देवस्थानम बोर्ड के सुपरवाइजर यदुवीर पुष्पवान, तहसीलदार जयबीर राम बधाणी, मठाधिपति राम प्रसाद मैठाणी और प्रबंधक प्रकाश पुरोहित भी उपस्थित थे।

तुंगनाथजी के कपाट खुलने के साथ ही अब उत्तराखंड के चार धामों सहित पंच बदरी एवं पंच केदार के कपाट ग्रीष्मकाल के लिए खुल गए हैं। कोरोना महामारी से बचाव हेतु अभी चारधाम यात्रा शुरू नहीं की गयी है। प्रदेश के पर्यटन-धर्मस्व मंत्री सतपाल जी महाराज का कहना है कि  महामारी समाप्त होने के पश्चात शीघ्र चार धाम यात्रा शुरू होने की उम्मीद है।

मान्यता है कि तुंगनाथ क्षेत्र में माता पार्वती ने शिवजी को प्रसन्न करने के लिए तप किया था। मंदिर का इतिहास एक हजार साल से भी ज्यादा पुराना है। पंच केदार में केदारनाथ, रुद्रनाथ, तुंगनाथ, मध्येश्वर, कल्पेश्वर शामिल है। समुद्रतल से  तुंगनाथ मंदिर की ऊंचाई करीब 12000 फीट है। इसी वजह से ये मंदिर ट्रेकिंग के शौकीनों की पसंद है। हर साल यहां हजारों पर्यटक देशभर से पहुंचते हैं।

मार्कंडेय मंदिर, मक्कूमठ में सुबह तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ की पूजा-अर्चना शुरू हुए। पुजारी ने महाभिषेक, भोग और आरती की। इसके बाद स्थानीय नए अनाज का भोग लगाया गया। उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम बोर्ड के मीडिया प्रभारी डॉ हरीश गौड़ ने बताया कि उत्तराखंड के चार धामों में केदारनाथ धाम के कपाट 29 अप्रैल, श्री गंगोत्री-यमुनोत्री धाम के कपाट 26 अप्रैल को खुल गए हैं। श्री बदरीनाथ धाम के कपाट 15 मई को खुले। द्वितीय केदार मध्येश्वर के कपाट 11 मई, चतुर्थ केदार रुद्रनाथ के कपाट 18 मई को और 20 मई को तुंगनाथ मंदिर के कपाट खुल गए हैं। इस तरह उत्तराखंड के सभी मठ-मंदिरों के कपाट खुल चुके हैं। सभी जगह शारीरिक दूरी का ध्यान रखते हुए रावल और पुजारियों द्वारा पूजा-अर्चना की जा रही है। 

कैसे पहुंच सकते हैं तुंगनाथ मंदिर

तुंगनाथ पहुंचने के लिए सोनप्रयाग पहुंचना होता है। इसके बाद गुप्तकाशी, उखीमठ, चोपता होते हुए तुंगनाथ मंदिर पहुंच सकते हैं। 

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