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नाक में घी या तेल डालने से संक्रमण का खतरा कम होता है? एक्सपर्ट का जवाब – ऐसा करने पर वायरस म्यूकस मेम्ब्रेन पर आक्रमण नहीं कर पाता और संक्रमण नहीं फैलता

  • हल्दी वाला दूध नहीं पसंद है तो गिलोय या गुरुची धनवटी की गोली ले सकते हैं, इससे इम्यून पावर बने रहने के साथ बुखार नहीं आता
  • गर्म पानी पीएं, इससे कफ होने का खतरा कम होता है और गले में वायरस का असर कमजोर जरूर पड़ जाता है

दैनिक भास्कर

May 04, 2020, 11:57 AM IST

नई दिल्ली. कोरोना से बचाव के लिए आयुष मंत्रालय आयुर्वेद में बताए गए उपाय अपनाने की सलाह दे रहा है। पीएम मोदी ने भी देश के लोगों से इसे मानने की गुजारिश दी है। एडवाइजरी के मुताबिक, नाक में तेल डालने, च्यवनप्राश का सेवन करने, गर्म पानी पीने और योग-व्यायाम करने से शरीर की इम्युनिटी बढ़ाकर वायरस के असर से बचा जा सकता है। केंद्रीय आयुर्वेद एवं सिद्ध अनुसंधान परिषद, आयुष मंत्रालय के निदेशक प्रो. वैद्य करतार सिंह धीमान ने कोरोना से जुड़े कई सवालों के जवाब ऑल इंडिया रेडियो को दिए हैं, जानिए कैसे वायरस का हरा सकते हैं…

#1) क्या नाक में घी या तेल डालने से संक्रमण का खतरा कम होता है?
कोरोनावायरस नाक या मुंह के जरिए ही शरीर में प्रवेश करता है। नाक में तेल या घी डालने पर कोई भी वायरस म्यूकस मेम्ब्रेन यानी श्लेष्म कला पर आक्रमण नहीं कर पाता है। सामान्य दिनों में भी अगर दो से तीन बूंद तिल का तेल, घी या नारियल का तेल नाक में डालते हैं तो धूल के सूक्ष्म कण, प्रदूषण, किटाणु और जीवाणु शरीर में प्रवेश करने से पहले ही खत्म हो जाते हैं।

#2) क्या रोग प्रतिरोधिक क्षमता बढ़ने पर वायरस का संक्रमण नहीं होगा?
हर इंसान का रहन-सहन और खानपान का असर उसके शारीरिक बल और रोग प्रतिरोधक क्षमता पर असर करता है। इसलिए अपने खानपान पर अधिक ध्यान दें। इसी का सकारात्मक पहलू है कि आज कई लोगों में रोग प्रतिरोधक क्षमता अधिक होने के कारण कोरोना पॉजिटिव होने पर भी लक्षण नहीं दिखाई दे रहे हैं और खुद ठीक भी हो रहे हैं। संक्रमण से बचने के लिए लॉकडाउन का पालन करें और बार-बार हाथ धोते रहें।

#3)  गर्म पानी पीने से कोरोना से बचाव कैसे होता है?
बचाव का एकमात्र तरीका सोशल डिस्टेंसिंग है। हाथ धोने और मास्क पहनने से बचाव होता है। जहां तक बात गर्म पानी की है, बसंत ऋतु में कफ के कारण कई बीमारियां होती हैं ओर गर्म पानी पीने से कफ होने का खतरा कम हो जाता है। गर्म पानी से गले में वायरस का असर कमजोर जरूर पड़ जाता है।

#4) हल्दी या हल्दी वाला दूध बहुत लोग नहीं पीते, वो क्या करें?
अगर आप हल्दी या हल्दी वाला दूध नहीं पी पाते हैं तो गुरुची या गिलोय का रस निकाल सकते हैं। अगर गिलोय धनवटी या गुरुची धनवटी की गोली उपलब्ध है तो ले सकते हैं। इससे इम्यून पावर भी बनी रहती है और बुखार नहीं आता। 

#5) क्या गर्म पानी में हल्दी डालकर पीने से फायदा होता है? 
गर्म पानी में हल्दी डालकर पीने से कोई फायदा नहीं होता। हां, हल्दी और गर्म पानी से गरारा कर सकते हैं यह गले के लिए फायदेमंद है।

#6) हल्दी कितनी मात्रा में लेना चाहिए?
एक व्यक्ति को एक समय में 3 से 4 ग्राम हल्दी लेना चाहिए, वो भी 150 से 200 एमएल दूध में मिलाकर। इससे रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ती है। 

#7) सैनेटाइजर से एलर्जी है तो क्या करें?
अगर सैनेटाइजर से एलर्जी है तो साबुन से हाथ धोएं। बहुत से लोगों को अल्कोहल से एनर्जी होती है।

#8) इम्युनिटी बढ़ाने के लिए खानपान के अलावा क्या करें?
व्यायाम, योग, प्राणायाम करें और मन को शांत रखें। मन पर इस बीमारी को भय न हावी होने दें। मन बलवान रहेगा और रोगों से लड़ने की क्षमता अच्छी रहेगी। गर्म पानी पीएं, तुलसी-दालचीनी मिलाकर चाय में इस्तेमाल करें। दूध में हल्दी का सेवन करें और च्यवनप्राश लें।

#9)  काढ़ा क्या होता है और कैसे बनता है?
तुलसी की कुछ पत्तियां, 2-3 लौंग, थोड़ी सी दालचीनी और थोड़ी सी अदरक, 4 कप पानी में उबालें। जब यह दो कप रह जाए तो उसमें थोड़ा गुड़ या चीनी डाल दें। अब काढ़ा तैयार हो गया है, दिनभर में इसका दो बार सेवन करें। अगर मधुमेह की बीमारी है तो उसमें चीनी न डालें।

#10) क्या आयुष मंत्रालय औषधियों से कोरोनावायरस का इलाज ढूंढ रहा है?
आयुष मंत्रालय की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। मंत्रालय ने एक उच्च स्तरीय टास्क फोर्स का गठन किया है जिससे अध्यक्ष यूजीसी के चेयरमैन हैं, इसमें आईसीएमआर सहित कई औषधि वैज्ञानिक शामिल हैं। उम्मीद है जल्द ही वायरस से बचाव का इलाज ढूंढ लिया जाएगा।

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