June 18, 2024 : 12:44 AM
लाइफस्टाइल

30 सेकंड में इंसान की लार से पता चलेगा कोरोनावायरस है या नहीं, हैदराबाद के इंस्टीट्यूट ने विकसित की जांच किट

  • बायो सेंसर से लैस किट का नाम रखा eCovSens, लार के सैम्पल में वायरस जितना ज्यादा किट उतनी तीव्रता से सिग्नल देगी
  • जांच किट को कम्प्यूटर या मोबाइल से ब्लूटूथ के जरिए कनेक्ट होगी, इसे कहीं भी ले जाया जा सकता है

दैनिक भास्कर

May 04, 2020, 08:26 PM IST

हैदराबाद. हैदराबाद के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एनिमल बायोटेक्नोलॉजी (एनआईएबी) ने नई कोरोना जांच किट विकसित की है। यह किट 30 सेकंड में इंसान की लार से कोरोनावायरस का पता लगाती है। किट में बायोसेंसर लगे हैं जिसका इस्तेमाल जहरीली चीजों और नशीले ड्रग का पता लगाने में भी किया जा सकेगा। संस्थान का दावा है कि यह किट मई के अंत तक पूरी तरह से तैयार हो जाएगी और इसके बाद यह आम लोगों के उपलब्ध हो पाएगी। 

सैम्पल के लिए बेहद कम लार की जरूरत
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एनिमल बायोटेक्नोलॉजी की विशेषज्ञ डॉ. सोनू गांधी के मुताबिक, डिवाइस को जांच के लिए कहीं भी आसानी से ले जाया जा सकता है। सैम्प्ल के लिए भी बेहद कम मात्रा में लार ही जरूरत होगी। कम कीमत में जांच हो सकेगी। इस रिसर्च को साइंटिफिक जर्नल में प्रकाशित होना बाकी है। डिवाइस में काफी कम 1.3 से 3 वोल्ट की बैटरी का इस्तेमाल किया गया है। विशेषज्ञ का दावा है कि इसे दूसरी किट से मिलान करने पर पाया गया कि यह अधिक सेंसेटिव है।

ऐसे काम करेगी किट
यह एक तरह की पोर्टेबल किट है जिसे कहीं भी ले जाया जा सकेगा। किट का नाम ई-कोवसेंस (eCovSens) रखा गया है। इसमें लगा बायोसेंसर कार्बन इलेक्ट्रोड और कोरोनावायरस एंटीबॉडी से मिलकर तैयार किया गया है। यह एंटीबॉडी कोरोनावायरस की ऊपरी सतह पर मौजूद स्पाइक प्रोटीन को पकड़ सकेगी। जब एंटीजन और एंटीबॉडी एक दूसरे को पकड़ेंगे तो इलेक्ट्रिक सिग्नल जारी होगा, इससे वायरस की पुष्टि होगी।

इलेक्ट्रिक सिग्नल एलसीडी से पढ़ा जा सकेगा
सैम्पल में वायरस मौजूद होने या न होने पर इलेक्ट्रिक सिग्नल की मदद से तैयार हुई रीडिंग को एलसीडी डिस्प्ले पर पढ़ा जा सकेगा। जांच किट को कम्प्यूटर या मोबाइल से ब्लूटूथ के जरिए कनेक्ट किया जा सकता है। सैम्प्ल में जितना वायरस होगा सिग्नल की तीव्रता उतनी ही तेज होगी।

Related posts

जगन्नाथ रथयात्रा:पहले रथ पूजा इसके बाद सोने की झाड़ू से बुहारे की रस्म, फिर रथ में घोड़े जोड़ने के बाद शुरू होती है यात्रा

News Blast

उम्र कोई भी हो दोस्तों की संख्या बढ़ाएं, विज्ञान कहता है दोस्ती पक्की हो तो डिप्रेशन घटता है; खुशहाली के साथ लम्बी उम्र मिलती है

News Blast

संक्रमण के बाद स्पाइक प्रोटीन रॉड जैसा आकार ले रहा; यह नई जानकारी इस वायरस को खत्म करने में मदद कर सकती है

News Blast

टिप्पणी दें