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कोरोना के संक्रमण से बचने के लिए ठंडा नहीं गुनगुना पानी पिएं, होम्योपैथी और आयुर्वेद में वैक्सीन पर काम जारी; जल्द शुरू होगा ट्रायल : आयुष मंत्रालय

  • हमेशा ताजा खाना खाएं, एक ही खाना बार-बार न खाएं, अगर एक बार रोटी खा रहे हैं तो फिर चावल खाएं
  • संक्रमण से बचाव के लिए आयुष मंत्रालय की एडवाइजरी का पालन करें, आयुष संजीवनी ऐप भी डाउनलोड कर सकते हैं

दैनिक भास्कर

May 09, 2020, 02:12 PM IST

कोरोना से बचाव के लिए आयुर्वेदिक नुस्खे और वैक्सीन से जुड़े कई अहम सवालों के जवाब आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा ने आकाशवाणी को दिए। जानिए कोरोना से जुड़े सवाल और उनके जवाब…

#1) वायरस कैसा होता है और शरीर पर कैसे अटैक करता है?
वायरस बहुत छोटा होता है। इसको लेकर बहुत भ्रांतियां है वह जीवित कीटाणु है। ये कीटाणु नहीं है और इसे जीवित भी नहीं कह सकते। अगर वायरस की तुलना बैक्टीरिया से की जाए तो एक बैक्टीरिया के अंदर दो हजार के करीब वायरस हो सकते हैं। ये इतने सूक्ष्म होते हैं कि एक पतली छोटी सी नोक पर लाखों वायरस हो सकते हैं। जब शरीर में प्रवेश करते हैं तो एक्टिव हो जाते हैं और तेजी से बढ़ने लगते हैं।

#2) गर्म पानी पीने को कहा जा रहा है लेकिन गर्मी में क्या ठंडा पानी पी सकते हैं?
ठंडा पानी शरीर में अस्थायी रूप से सिस्टम को वायरस के लिए मौका देता है। इसलिए ठंडा पानी पीने से बचना है। हां, गर्मी में गर्म पानी अच्छा नहीं लगेगा लेकिन गर्म पानी पीने का मतलब है चाय जैसा नहीं होना चाहिए। हल्का गुनगुना पानी पिएं।

#3) खाने में किन बातों का ध्यान रखें?
ताजा खाना खाएं। एक ही खाना बार-बार न खाएं। अगर एक बार रोटी खा रहे हैं तो फिर चावल खाएं। दाल का प्रयोग करें, उसे भी बदलते रहें। इससे शरीर को जरूरी प्रोटीन, विटामिन और पोषक तत्वों की जरूरत पूरी होगी। पानी खूब पिएं।

#4) आयुष मंत्रालय की एडवाइजरी की मुख्य बातें क्या हैं?

  • ठंडी पानी की जगह गुनगुना पानी पिएं, दिन में तीस मिनट तक योग-प्राणायाम जरूर करें। 
  • खाने में हल्दी, जीरा, धनिया जैसे मसालों का प्रयोग करें। 
  • तुलसी, दालचीनी, कालीमिर्च, सोंठ और मुनक्का डालकर काढ़ा बनाकर पिएं। 
  • च्यवनप्राश का सेवन करें, यह इम्युनिटी बढ़ाने में मदद करता है। 
  • हल्दी वाला दूध पी सकते हैं और नाम में तेल की बूंदें डालें, इससे बैक्टीरिया शरीर के अंदर प्रवेश नहीं कर पाते। 
  • मौसम बदल रहा है गले में खराश रहती है इसलिए दिन में एक बार आजवायन का पानी या पुदीने के पत्ते के पानी से भाप ले सकते हैं।
  • इन उपायों के बाद भी सावधानी बरतनी है, कोई भी लक्षण नजर आए तो डॉक्टरी सलाह लें।

#5) आयुष संजीवनी ऐप क्या है?
आयुष मंत्रालय की जो भी एडवाइजरी है वो सभी इस ऐप पर उपलबध है। इसके अलावा ऐप में कुछ सवाल भी पूछे जाते हैं कि लोग कब से एडवाइजरी का पालन कर रहे हैं उन्हें क्या फायदा हुआ है। जब लोग अनुभव बताते हैं तो पता चलता है कि अगर किसी को परेशानी है तो कितने दिन में ठीक हुई। गाइडलाइन का उन्हें किस तरह से फायदा हुआ। इससे ऐप ज्यादा से ज्यादा लोगों के बीच पहुंचेगा।

#6) आयुष मंत्रालय किन औषधियों पर शोध कर रहा है?
आयुष मंत्रालय कई तरह की औषधियों का क्लीनिकल ट्रायल कर रहा है। इसमें ऐसी औषधियां हैं जो हाई रिस्क वाले इलाके के लोगों के लिए या जो आवश्यक सेवाओं के कर्मचारी हैं, उन्हें दी जा सकती हैं। इससे उन्हें संक्रमण से बचाया जा सकेगा या उनके अंदर अगर वायरस प्रवेश करता है तो ये दवा संक्रमण फैलने से रोकेंगी। ये औषधि उन्हें दी जा रही है जिनमें हल्के लक्षण हैं। हम देख रहे हैं कि कितनी जल्दी वे रिकवर हो रहे हैं।

#7) गर्भवती महिलाएं और बच्चा क्या एहतियात बरतें?
गर्भवती महिलाएं, दस वर्ष से कम आयु के छोटे बच्चे और 60 साल की उम्र से अधिक के बुजुर्ग घर से बाहर न निकलें। यही उनके लिए बचाव का सबसे कारगर उपाय है। सरकार ने भी एडवाइजरी जारी की है कि लॉकडाउन में जो भी ढील दी गई है उसमें भी इन्हें बाहर नहीं निकलना है।

#8) बुआई के काम से शहर जाने वाले किसान क्या सावधानी रखें?
किसान अगर बाहर जा रहे हैं तो घर आने पर जिस वाहन से गए, उसे साबुन के पानी से धोना चाहिए। जो कपड़े पहने थे उसे भी धोएं और स्नान करें। मास्क का प्रयोग जरूर करें। एक ही मास्क बार-बार न लगाएं। कपड़े का मास्क है तो दोबारा प्रयोग करने से पहले साबुन के पानी से धोकर सुखा लें।

#9) वैक्सीन बनने में कितना समय लगेगा? 
देश में कई लैब हैं जहां वैक्सीन पर काम चल रहा है। दुनियाभर में जितने शोध चल रहे हैं उससे ज्यादा भारत में चल रहे हैं। उम्मीद है जल्द ही शोध पूरा होगा। कुछ महीनों में ट्रायल शुरू हो जाएगा। लेकिन तय रूप से यह बताता मुश्किल है कि इसकी वैक्सीन कब तक आएगी।

#10) क्या होम्योपैथी में कोई ऐसी दवा है जो संक्रमण से बचाव में कारगर है?
होम्योपैथी में भी कई दवाओं पर शोध चल रहा है। देश के अलग-अलग मेडिकल कॉलेजों में परीक्षण शुरू हो गया है। यूनानी चिकित्सा में भी शोध हो रहे हैं। आयुष मंत्रालय के तहत आने वाले यूनानी, आयुर्वेदिक, होम्योपैथी जैसी कोई भी पद्धति की दवाएं सामने आ सकती हैं।

#11) क्या आम लोग भी अश्वगंधा और मुलेठी जैसी औषधियां ले सकते हैं?
इन औषधियों पर कई शोध हुए हैं और उनका रसायनिक परीक्षा भी हुआ है। जिसके बाद अलग-अलग रोगों के लिहाज से इसे लेने की सलाह दी जाती है। इस वक्त रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए इनके सेवन की सलाह दी जा रही है लेकिन बेहतर होगा किसी आयुष डॉक्टर की सलाह के बाद ही इसे लें।

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