May 29, 2024 : 2:25 PM
Breaking News
लाइफस्टाइल

समस्याएं दूर करने के लिए आगे बढ़ते रहना चाहिए, रुकने से लक्ष्य तक नहीं पहुंच सकते

  • एक परेशान व्यक्ति ने संत से कहा कि मेरे जीवन की बाधाएं खत्म ही नहीं हो रही हैं, संत उसे एक नदी किनारे ले गए और किनारे पर खड़े होकर कहा कि जब ये नदी सूखेगी तब हम आगे बढ़ेंगे

दैनिक भास्कर

Apr 21, 2020, 04:11 PM IST

किसी भी बाधा को दूर करने के लिए हमें आगे बढ़ते रहना जरूरी है, अगर रुक जाएंगे तो कभी भी लक्ष्य तक नहीं सकते हैं। इस संबंध में एक लोक कथा प्रचलित है। कथा के अनुसार एक व्यक्ति के जीवन में समस्याएं बहुत अधिक थीं। बचपन से ही उसे परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। पिता का देहांत हो चुका था और बचपन में ही माता, भाई-बहनों के पालन-पोषण की जिम्मेदारी उसके ऊपर आ गई थी। बड़े होने पर व्यक्ति का विवाह हुआ, लेकिन शादी के बाद उसकी समस्याएं और अधिक बढ़ गईं। उसके जीवन में एक परेशानी खत्म होती तो दूसरी आ जाती थी। एक दिन वह प्रसिद्ध संत के पास गया।

व्यक्ति ने संत से कहा कि मुझे अपना शिष्य बना लें। मैं परेशान हो गया हूं, बहुत दुखी हूं। संत ने कहा कि ठीक तुम मेरे शिष्य बन जाओ। मुझे बताओ क्या परेशानी है?

शिष्य ने कहा कि गुरुजी एक समस्या खत्म नहीं होती और दूसरी सामने आ जाती है, इस कारण मैं बहुत दुखी रहता हूं। किसी भी काम में सफलता नहीं मिल पाती है।

गुरु ने कहा कि ठीक है, मैं तुम्हारी समस्याओं का हल बता दूंगा। अभी तुम मेरे साथ चलो। गुरु नए शिष्य को लेकर नदी किनारे गए। किनारे पर पहुंचकर गुरु ने कहा कि हमें ये नदी पार करनी है, ये बोलकर वहीं खड़े हो गए। शिष्य भी गुरु के साथ खड़ा हो गया।

कुछ देर बाद शिष्य ने कहा कि गुरुदेव हमें नदी पार करनी है तो हम यहां क्यों खड़े हैं?

गुरु ने जवाब दिया कि हम इस नदी के सूखने का इंतजार कर रहे हैं, जब ये सूखेगी हम इसे आसानी से पार कर लेंगे।

शिष्य को आश्चर्य हुआ। वह बोला, गुरुजी ये कैसी बात कर रहे हैं? नदी का पानी कैसे और कब सूखेगा। हमें नदी को इसी समय पार कर लेना चाहिए। संत ने कहा कि मैं तुम्हें यही बात समझाना चाहता हूं। जीवन में भी समस्याएं तो आती ही रहेंगी। हमें रुकना नहीं है, लगातार आगे बढ़ते रहना है। तभी तो हम उन्हें हल कर पाएंगे। आगे बढ़ते रहेंगे तो समस्याओं के हल मिलते जाएंगे। अगर रुक जाएंगे तो एक भी बाधा पार नहीं हो पाएगी। शिष्य को गुरु की बात समझ आ गई और उस दिन के बाद उसकी सोच बदल गई।

Related posts

वैज्ञानिकों ने पेड़ से तैयार की शीशे जैसी ट्रांसपेरेंट लकड़ी, यह गर्मी झेलने में शीशे से 5 गुना ज्यादा स्ट्रॉन्ग और शीशे की तरह टूटती नहीं; इसे खिड़कियों में लगाया जा सकेगा

News Blast

चौंकाने वाली रिसर्च:जलवायु परिवर्तन के कारण इंसानों की लम्बाई घट सकती है और दिमाग सिकुड़ सकता है, इंसानों के 300 जीवाश्मों की जांच में हुआ खुलासा

News Blast

भोज विश्वविद्यालय के कुलपति के बंगले में घुसा टाइगर

News Blast

टिप्पणी दें