June 30, 2022 : 12:57 AM
Breaking News
MP UP ,CG अन्तर्राष्ट्रीय क्राइम खबरें खेल टेक एंड ऑटो ताज़ा खबर बिज़नेस ब्लॉग मनोरंजन महाराष्ट्र राज्य राष्ट्रीय लाइफस्टाइल हेल्थ

2 से 18 साल तक के बच्चों के लिए कोरोना टीका कोवैक्सीन सुरक्षित, भारत बायोटेक का दावा

भारत बायोटेक इंटरनेशनल लिमिटेड (BBIL) ने दावा कि बच्चों के लिए उसका कोरोना टीका कोवैक्सीन सुरक्षित और रोग प्रतिरोधी क्षमता विकसित करने वाला साबित हुआ है। टीका निर्माता की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि अध्ययन को स्वीकार कर लिया गया है और इसे ‘लैंसेट इन्फेक्शियस डिजीजेस’ पत्रिका में प्रकाशित किया गया है।

भारत बायोटेक ने यह पता लगाने के लिए चरण द्वितीय/तृतीय का बहुकेंद्रित अध्ययन किया था कि अगर दो वर्ष से 18 वर्ष आयु वर्ग के स्वस्थ बच्चों और किशोरों को कोवैक्सीन का टीका लगाया जाता है, तो उनके लिए वह कितना सुरक्षित होगा? साथ ही उनका शरीर इसके बाद क्या प्रतिक्रिया देगा और उनकी प्रतिरक्षा क्षमता पर इसका क्या असर हागा?

इसमें कहा गया है कि जून 2021 से सितंबर 2021 के बीच बच्चों पर किए गए परीक्षण के परिणाम में यह टीका सुरक्षित पाया गया, इसका स्वास्थ्य पर कोई खास असर नहीं हुआ और इससे रोग प्रतिरोधी क्षमता बढ़ी। यह जानकारी अक्टूबर 2021 में केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) को सौंपी गई। इसे छह वर्ष से 18 वर्ष की आयु के लोगों में आपातकालीन उपयोग के लिए मंजूरी मिल गई थी।

‘बच्चों के लिए टीका सुरक्षित’
भारत बायोटेक के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक डॉ. कृष्णा एला ने कहा, “बच्चों के लिए टीके का सुरक्षित होना महत्वपूर्ण है और हमें यह बताते हुए खुशी हो रही है कि आंकड़े कोवैक्सीन के बच्चों के लिए सुरक्षित होने और इससे उनकी रोग प्रतिरोधी क्षमता बढ़ने की बात साबित करते हैं। हमने प्राथमिक टीकाकरण और बूस्टर खुराक के तौर पर देने के लिए वयस्कों और बच्चों के लिए एक सुरक्षित और प्रभावी कोविड-19 टीका विकसित करके और कोवैक्सीन को सार्वभौमिक टीका बनाकर अपना लक्ष्य हासिल कर लिया है।

बच्चों को दी गई 5 करोड़ से अधिक खुराक
भारत में बच्चों को दी गईं पांच करोड़ से अधिक खुराकों के आंकड़ों के आधार पर यह टीका अत्यधिक सुरक्षित साबित हुआ है। टीके एक अत्यंत निवारक उपकरण हैं। अगर टीकों को रोग निरोधी के रूप में इस्तेमाल किया जाए, तभी इनकी शक्ति का उपयोग किया जा सकता है। विज्ञप्ति में कहा गया कि अध्ययन में कोई गंभीर दुष्प्रभाव नजर नहीं आया। दुष्प्रभाव के कुल 374 मामले सामने आए और इनमें से अधिकतर दुष्प्रभाव मामूली थे और उन्हें एक दिन में दूर कर दिया था। टीका लगने की जगह पर दर्द की शिकायत के मामले सर्वाधिक पाए गए

Related posts

आधुनिक जीवन शैली में योग के हैं कई महत्त्व

News Blast

मदद का हाथ: अक्षय कुमार और ट्विंकल खन्ना कोरोना के मरीजों की मदद के लिए आगे आए, UK से 100 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर का किया इंतेजाम

Admin

बेहतर शारीरिक संतुलन के लिए अपनाएं ये योगासन

News Blast

टिप्पणी दें