August 17, 2022 : 9:44 PM
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मध्यप्रदेश के आईएएस अफसर प्रतीक हजेला पर असम में देशद्रोह का मामला दर्ज

भोपाल. मध्यप्रदेश के आईएएस अधिकारी और वर्तमान में मंत्रालय में सामाजिक न्याय विभाग के प्रमुख सचिव प्रतीक हजेला पर असम सीआईडी ने देशद्रोह का मामला दर्ज किया है. उन पर नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स (एनआरसी) में कॉर्डिनेटर के पद पर काम के दौरान गड़बड़ी करने का आरोप है.प्रतीक हजेला के खिलाफ यह एफआईआर राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) के वर्तमान राज्य समन्वयक (स्टेट कॉर्डिनेटर) हितेश देव सरमा ने दर्ज कराई है. असम सीआईडी में दर्ज एफआईआर में एनआरसी के कई अधिकारी-कर्मचारी भी शामिल हैं. सरमा की शिकायत के मुताबिक प्रतीक हजेला पूर्व राज्य समन्वयक हैं. राज्य समन्वयक के दौरान हजेला पर भारतीय नागरिकों के रूप में अपात्र व्यक्तियों के नामों को दस्तावेजों में शामिल करने का आरोप लगाया गया है. लिहाजा, उनके ऊपर ‘राष्ट्र-विरोधी अधिनियम’ के तहत केस दर्ज किया गया है. हजेला वर्तमान में मध्यप्रदेश के सामाजिक न्याय विभाग में प्रमुख सचिव के तौर पर पदस्थ हैं.

यह है आरोप
आईएएस अधिकारी प्रतीक हजेला ने सुप्रीम कोर्ट की देखरेख में एनआरसी अपडेट और प्रकाशन करने का नेतृत्व किया था. इसी दौरान उन्होंने एनआरसी में ऐसे लोगों को शामिल कर लिया, जो अपात्र यानी भारतीय नहीं थे. इसके लिए जालसाजी, धोखाधड़ी, गलत रिकॉर्ड बनाने, शपथ पर गलत बयान देने जैसे काम किए. लिहाजा, एनआरसी ने उन पर आपराधिक साजिश का आरोप लगाया.

इस तरह सामने आया मामला
असम में एनआरसी की अंतिम सूची अगस्त 2019 में प्रकाशित हुई थी, जिसमें 1906657 लोगों के नाम छूट गए थे. तभी से यह मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर छाया रहा है. लिहाजा, भारत के रजिस्ट्रार जनरल और एनआरसी प्राधिकरण ने सुप्रीम कोर्ट में एक हलफनामा दायर किया है. इसमें प्रकाशित एनआरसी ds फिर से सत्यापन की मांग की गई है. इसके लिए एनआरसी में पूर्व में हुई गड़बड़ियों को आधार बनाया गया है और इसके लिए जिम्मेदार अफसरों-कर्मचारियों पर कार्रवाई की रिपोर्ट तैयार बनाई गई है. गौरतलब है कि भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार भी चाहती है कि बांग्लादेश की सीमा से लगे जिलों में डेटा का 20% और आंतरिक जिलों में डेटा का 10% फिर से सत्यापन हो.

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