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केंद्र सरकार की चेतावनी- वीडियाे काॅन्फ्रेंसिंग ऐप जूम सुरक्षित नहीं,सरकारी कामों में इस्तेमाल नहीं होगा, आम लोग सावधानी से प्रयोग करें

दैनिक भास्कर

Apr 18, 2020, 02:21 PM IST

लाॅकडाउन में ऑनलाइन पढ़ाई और मीटिंग के लिए धड़ल्ले से इस्तेमाल हाे रहा वीडियाे काॅन्फ्रेंसिंग ऐप जूम सुरक्षित नहीं है। गृह मंत्रालय के साइबर काे-ऑर्डिनेशन सेंटर ने एक एडवाइजरी में यह चेतावनी दी। सेंटर ने कहा कि यह ऐप सरकारी इस्तेमाल के लिए बिल्कुल भी नहीं है। निजी लाेग ऐहतियात के साथ इसे इस्तेमाल करें। इसके अनुसार साइबर अपराधी इसके जरिये लोगों और संगठनों की संवेदनशील और गोपनीय जानकारी चुरा रहे हैं। 

कम्प्यूटर इमरजेंसी रेस्पाॅन्स टीम ऑफ इंडिया (सीईआरटी-इन) ने भी कहा कि साइबर अपराधी इसके जरिये डेटा चुरा रहे हैं। सीईआरटी-इन ने 6 फरवरी और 13 मार्च काे भी ऐसी एडवाइजरी जारी की थी। कनाडा के शाेध संस्थान सिटीजन लैब के मुताबिक, जूम चीनी सर्वर का इस्तेमाल करता है। भारत समेत दुनिया के 20 देशों के 90 हजार से ज्यादा स्कूल जूम एप के जरिए बच्चों को ऑनलाइन पढ़ा रहे हैं। हाल ही में एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि दुनियाभर में इस्तेमाल हो रहे जूम एप के करीब साढ़े पांच लाख यूजर्स के ईमेल एड्रेस और पासवर्ड डार्क वेब पर बिक रहे हैं। जूम ने इस बारे में कुछ नहीं बताया कि लाखों यूजर्स का डेटा कैसे लीक हुआ।

समाधान… ये 6 स्टेप आपको रखेंगे सुरक्षित

1. जूम वेटिंग रूम यूज करें

  • जूम विकल्प देता है कि मीटिंग शुरू हाेने के बाद उसे लाॅक कर सकें, ताकि नए लोग जाॅइन न करें। 
  • आप हाेस्ट हैं ताे मीटिंग के लिए वेटिंग रूम फीचर ऑन करें।

2. मजबूत पासवर्ड रखिए

  • राउटर के लिए स्ट्रांग पासवर्ड सेट करें। 
  • 12 कैरेक्टर्स में अपर केस, लाेअर केस लेटर्स, नंबर, सिंबल या शब्द हों। 
  • डिवाइस जब काम में ना लें ताे लाॅक रखें।

3. वेबकैम को यूं बंद करें

  • वेबकैम जब काम ना आ रहा हाे ताे उसे इस तरह बंद कीजिए।
  • एंड्राॅयड के लिए: सेटिंग, एप्स कैमरा, परमिशन, डिसेबल दबाएं। (वरना कागज या कपड़े से ढंक दें)

4. स्क्रीन शेयरिंग मैनेज करें

  • स्क्रीन शेयरिंग विकल्प मैनेज करें। 
  • एडवांस शेयरिंग ऑप्शन पर जाएं। हाेस्ट ऑप्शन चुकर विंडाे बंद कर दें।
  • वेब सेटिंग से डिफॉल्ट सेटिंग बनाएं।

5. वीपीएन इस्तेमाल करें

  • विश्वसनीय वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (वीपीएन) इस्तेमाल करें
  • यह ऑनलाइन गतिविधियाें को एनक्रिप्ट करेगा। 
  • आईपी एड्रैस या लाेकेशन का पता नहीं लगेगा।

6. हाेम नेटवर्क सिक्याेरिटी

  • डिफॉल्ट यूजर नेम व पासवर्ड रीसैट कर राउटर सुरक्षित करें। 
  • WPA2 या WPA3 जैसे सिक्याेर एनक्रिप्शन ऑन रखें।
  • वीडियो काॅल भी एनक्रिप्टेड हो।

बच्चों के चेहरे-आवाज की डिटेल्स भी खतरे में

अमेरिकी अखबार वाशिंगटन पाेस्ट के अनुसार जूम एप पर पोस्ट वीडियो के जरिए बच्चों के चेहरे, आवाज और निजी जानकारी भी चोरी होने का खतरा है। पब्लिक जूम काॅल्स के बीच इंटरनेट ट्राेल्स ऐर स्क्रीन शेयरिंग में आपत्तिजनक कंटेंट पाेस्ट कर सकते हैं। साइबर अपराधी यूजर नेम, फाइनेंशियल ब्योरा और मोबाइल नंबर के जरिए आपको नुकसान भी पहुंचा सकते हैं।

जूम एप पर डेटा चोरी से बचें, आजमाएं ये एप्स

घर से काम करने वाले लाखों एम्प्लॉइज के बीच जूम एक डीफॉल्ट वीडियो चैट प्लेटफॉर्म बन चुका है लेकिन हाल ही इसकी सिक्योरिटी और डेटा लीक से जुड़ी खबरें सामने आईं जो यूजर्स के लिए चिंता पैदा करने वाली हैं। इसके मद्देनजर अगर आप विकल्प तलाश रहे हैं तो ये एप्स आपके काम आएंगे।

गो टु मीटिंग

वेबएक्स की ही तरह गो टु मीटिंग वर्चुअल मीटिंग्स के लिए काफी समय से चलन में है और स्टैंडर्ड एंड-टु-एंड एंक्रिप्शन को सपोर्ट भी करता है। 150 लोगों के साथ वीडियो मीटिंग की सुविधा देने वाले इस एप में वेबएक्स की तरह फ्री प्लान नहीं मिलता है हालांकि 14 दिन का फ्री ट्रायल दिया जाता है।

वेबएक्स

सिस्को का वेबएक्स भी एक ऐसा वीडियो कॉलिंग टूल है जो एंड-टु-एंड एंक्रिप्शन को सपोर्ट करता है। हालांकि यह कुछ हद तक बिजनेसेज को ध्यान में रखकर बनाया गया है लेकिन फिर भी आप 100 लाेगों के साथ वीडियो कॉल करने सहित जूम जैसे फीचर्स के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं।

गूगल ड्यूओ

गूगल ड्यूओ में हाल ही वीडियो चैट ग्रुप के साइज को 8 लोगों से बढ़ाकर 12 कर दिया गया है। मोबाइल और वेब से इसपर की जाने वाली ऑडियो और वीडियो कॉल्स एंड टु एंड एंक्रिप्टेड हैं और यहां तक कि गूगल भी इसके डेटा का किसी भी तरह से इस्तेमाल नहीं कर सकता।

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